बिहार के सीवान जिले में साधु के वेश में घूम रहे एक युवक का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दरौली थाना क्षेत्र के कुर्मी टोला गांव में रविवार शाम उस समय हलचल मच गई, जब एक युवक भगवा वस्त्र पहनकर घर-घर भिक्षा मांगता दिखाई दिया। शुरुआत में लोगों ने उसे सामान्य साधु समझा, लेकिन उसकी गतिविधियों और बातचीत के तरीके ने ग्रामीणों के मन में संदेह पैदा कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक गांव में अलग-अलग लोगों से बातचीत कर रहा था और कई सवाल पूछ रहा था। कुछ ग्रामीणों को उसकी भाषा और व्यवहार साधु जैसा नहीं लगा। इसके बाद गांव के लोगों ने उसे रोककर उससे उसका परिचय पूछना शुरू किया। युवक ने पहले अलग-अलग नाम बताए और अपने बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया। लगातार बदलते जवाबों के कारण लोगों का शक और गहरा हो गया। मामला बढ़ता देख ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।
पूछताछ में टूट गया साधु का दावा
ग्रामीणों द्वारा घेरकर पूछताछ किए जाने पर युवक घबराया हुआ नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह खुद को साधु साबित करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब उससे उसके आश्रम, गुरु और यात्रा के बारे में सवाल किए गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। लोगों ने उससे कई बार एक ही सवाल पूछा, लेकिन हर बार उसके जवाब बदलते रहे। इसी दौरान गांव में मौजूद कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उससे बातचीत की और उसकी बातों में कई विरोधाभास पाए। स्थिति को देखते हुए लोगों ने उसे वहीं रोक लिया और पुलिस के आने का इंतजार करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सतर्कता नहीं दिखाई जाती तो युवक गांव से निकल सकता था और उसकी वास्तविक पहचान सामने नहीं आ पाती। पुलिस पहुंचने तक युवक लोगों के बीच बैठा रहा और लगातार अपनी सफाई देता रहा, लेकिन उसके जवाबों से किसी को संतोष नहीं हुआ।
झोले की तलाशी में मिले दस्तावेज, खुली असली पहचान
पुलिस की मौजूदगी में युवक के पास मौजूद झोले की जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके सामान से कुछ दस्तावेज, पहचान पत्र, साधु के वस्त्र और एक सारंगी बरामद हुई। पहचान पत्र की जांच करने पर पता चला कि युवक की वास्तविक पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील क्षेत्र के बिजैली गांव निवासी रब्बान मोहम्मद उर्फ भगेलू मोहम्मद के रूप में हुई। यह जानकारी सामने आते ही गांव में मौजूद लोग हैरान रह गए। ग्रामीणों का कहना था कि युवक पूरी तरह साधु के रूप में तैयार था और पहली नजर में उसकी असल पहचान का अंदाजा लगाना मुश्किल था। पुलिस ने दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, युवक से यह भी पूछा जा रहा है कि वह साधु का भेष धारण करके गांव में क्यों घूम रहा था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
एफआईआर दर्ज, हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
दरौली थाना पुलिस ने ग्रामीणों की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी विवेक कुमार के अनुसार, युवक को हिरासत में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब उसके पहचान पत्र की सत्यता, उसके निवास स्थान और सीवान आने के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का माहौल है और ग्रामीण भी सतर्क रहने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साधु के वेश में घूम रहे युवक का उद्देश्य केवल भिक्षा मांगना था या इसके पीछे कोई और वजह थी।








