नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बड़े विवाद के नैतिक दबाव और बढ़ते राजनीतिक विरोध के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद से ही देश भर की राजनीतिक पार्टियों और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आने लगी हैं। इस घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ सरकार की मुश्किलात को और अधिक बढ़ा दिया है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ भुनाने में जुट गया है।
कन्हैया कुमार का तीखा वार: ‘अभी तो ली अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद कांग्रेस के युवा और तेज-तर्रार नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान जारी किया। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए लिखा, “अभी तो ली अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। धर्मेंद्र गए, अब नरेंद्र की बारी है।” कन्हैया कुमार ने इसे केवल एक शुरुआत बताया और साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले पर चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने इस इस्तीफे को सरकार की जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम करार दिया है।
‘गुड कॉप-बैड कॉप’ खेल रही है सरकार: कन्हैया
इस्तीफे से ठीक पहले भी कन्हैया कुमार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर जोरदार तंज कसा था। उन्होंने अपने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और एक तरफ जहां जनता को लुभाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र जब अपने हक की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाता है और धमकियां दिलवाई जाती हैं। कन्हैया के इन बयानों ने सोशल मीडिया पर सियासी हलचल को और ज्यादा तेज कर दिया है।
आगे की राजनीतिक लड़ाई और विपक्ष की रणनीति
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद अब इस पूरे प्रकरण की आंच सीधे तौर पर केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचती नजर आ रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को छात्रहित और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन के रूप में देखने लगे हैं। कन्हैया कुमार के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष अब इस मामले को लोकसभा और सड़क दोनों जगहों पर जोर-शोर से उठाएगा। आने वाले दिनों में नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है।








