सीजफायर खत्म होते ही मचा हड़कंप! अमेरिका के हमलों के बाद ईरान का बड़ा जवाब, खाड़ी देशों में गूंजे सायरन

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बनी अस्थायी शांति अब खत्म होती नजर आ रही है। लगातार दूसरे दिन दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।

अमेरिकी हमलों में अहम ठिकानों को बनाया गया निशाना

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ महत्वपूर्ण सैन्य और लॉजिस्टिक ठिकानों पर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि उत्तरी ईरान में एक बड़े रेलवे पुल को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल सैन्य सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए किया जाता था। इसके अलावा कुछ तटीय इलाकों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर भी हमले किए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि समुद्री मार्गों में जहाजों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका और कड़े कदम उठाएगा। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा बनाए रखना है।

 ईरान ने किया पलटवार, बहरीन और कुवैत में बढ़ी सतर्कता

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कदम उठाए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई संदिग्ध हमलों को रोकने की कोशिश की। वहीं बहरीन में सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर हवाई हमले के सायरन बजाए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कुछ इलाकों में धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने की भी जानकारी दी गई है। हालांकि नुकसान को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

दुनिया की चिंता बढ़ी, आगे क्या होगा?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है और यहां किसी भी बड़े संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष जल्द बातचीत का रास्ता नहीं अपनाते हैं तो तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से सख्त बयान सामने आ रहे हैं और सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि हालात शांत होते हैं या फिर यह टकराव किसी बड़े संकट का रूप लेता है।

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