मोबाइल फोन पर आने वाले इमरजेंसी अलर्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। देशभर में आपदा या अन्य आपात स्थितियों की जानकारी देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह वही सिस्टम है जिसके जरिए लोगों के मोबाइल पर तेज आवाज और विशेष नोटिफिकेशन के साथ चेतावनी संदेश भेजे जाते थे। जानकारी के अनुसार, इस संबंध में राज्यों को निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, सेवा को बंद करने के पीछे की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं की गई है। इस फैसले के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह व्यवस्था अचानक क्यों रोकी गई।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम और कैसे करता है काम?
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम एक ऐसी तकनीक है जो किसी खास क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ संदेश भेज सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। यदि किसी इलाके में बाढ़, भूकंप, चक्रवात या अन्य आपदा का खतरा हो, तो यह सिस्टम तुरंत लोगों तक चेतावनी पहुंचाने का काम करता है। सामान्य मैसेजिंग सेवाओं के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा प्रभावी मानी जाती है क्योंकि नेटवर्क पर अधिक दबाव होने के बावजूद भी यह संदेश पहुंचा सकती है। इसी वजह से इसे आपदा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।
कुछ ही समय पहले शुरू हुई थी यह सुविधा
यह सेवा हाल ही में पूरे देश में शुरू की गई थी। इसे भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना गया था। इस तकनीक को भारतीय संस्थानों की मदद से विकसित किया गया था और इसका उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों तक तेजी से सूचना पहुंचाना था। लॉन्च के समय इसे आधुनिक और भरोसेमंद चेतावनी प्रणाली बताया गया था। कई राज्यों में इसका परीक्षण भी किया गया था और लोगों के मोबाइल पर ट्रायल अलर्ट भेजे गए थे। इन अलर्ट्स के जरिए लोगों को यह समझाया गया था कि किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में उन्हें किस तरह की जानकारी मिलेगी।
फिलहाल समीक्षा जारी, बहाली की तारीख तय नहीं
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला स्थायी नहीं है और सेवा को केवल कुछ समय के लिए रोका गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित एजेंसियां तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं। समीक्षा पूरी होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि सेवा दोबारा कब शुरू होगी। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नई गाइडलाइन और आवश्यक सुधारों के बाद इसे फिर से चालू किया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस संबंध में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। तब तक मोबाइल उपयोगकर्ताओं को इमरजेंसी अलर्ट से जुड़ी किसी भी नई सूचना के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।








