अनशन के दूसरे दिन ही बिगड़ी तबीयत! अभिजीत दीपके ने कहा- ‘अब समझ आया भूख हड़ताल में…’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अनशन शुरू करने के बाद अब उन्हें एहसास हुआ है कि बिना खाना खाए कई दिनों तक रहना कितना कठिन होता है। दीपके ने बताया कि उनके अनशन का दूसरा दिन है और उनकी तबीयत पहले ही खराब होने लगी है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें उन सभी लोगों की तकलीफ समझ में आ रही है जो लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनका यह बयान उस समय आया है जब जंतर-मंतर पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी है और कई लोग लगातार अनशन पर बैठे हुए हैं।

 सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू किया अनिश्चितकालीन अनशन

अभिजीत दीपके ने यह अनशन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू किया है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मेडिकल सलाह और अदालत के निर्देशों के आधार पर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद दीपके ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वह अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने सरकार से छात्रों के मुद्दों पर गंभीरता से कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक आंदोलन की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

‘सोनम सर को सलाम’, बोले- इतनी लंबी भूख हड़ताल आसान नहीं

जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें अब समझ में आ गया है कि कई दिनों तक अनशन करना कितना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, “मेरी तो दूसरे दिन ही हालत खराब हो गई है। सोचिए, जो लोग कई दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं, वे कितनी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।” दीपके ने सोनम वांगचुक और अन्य अनशनकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनका हौसला काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने बताया कि वह ज्यादा लोगों से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी ऊर्जा बचानी है। उनका कहना है कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका स्वस्थ रहना भी जरूरी है।

 20 जुलाई को संसद मार्च, आंदोलन रहेगा जारी

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार यह मार्च जरूर निकाला जाएगा और उनका अनशन भी जारी रहेगा। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी बताया है कि वह इस मार्च का नेतृत्व करेंगी। बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर थे। उनके अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब आंदोलन की कमान दूसरे साथी संभाल रहे हैं और आने वाले दिनों में इस विरोध प्रदर्शन की दिशा क्या होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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