हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने यात्रियों को दहशत में डाल दिया। नूरपुर क्षेत्र के न्याजपुर इलाके में चंबा से ऊना जा रही एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस “देवीदर्शन” नाम से चल रही थी और यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी।
हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बस के पलटते ही अंदर बैठे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोग सीटों से उछलकर नीचे गिर पड़े और कुछ बस के अंदर ही फंस गए। इस दुर्घटना ने शांत पहाड़ी इलाके को अचानक अफरा-तफरी में बदल दिया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
हार्ट अटैक या टायर फटना—क्या है असली वजह?
हादसे की वजह को लेकर फिलहाल अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे वह स्टीयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मोड़ पर अचानक तेज आवाज हुई, जिससे शक जताया जा रहा है कि बस का टायर फट गया होगा।
घायल यात्रियों में से एक ने बताया कि बस तेज गति में थी और जैसे ही मोड़ आया, अचानक जोर का धमाका हुआ और बस असंतुलित होकर सड़क पर पलट गई। इस घटना के बाद बस के अंदर मौजूद लोग बुरी तरह घायल हो गए। फिलहाल प्रशासन दोनों संभावनाओं—ड्राइवर की तबीयत और तकनीकी खराबी—को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है।
राहत कार्य और घायलों का इलाज
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
करीब 40 यात्री इस हादसे में घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज सिविल अस्पताल नूरपुर में किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि बस ड्राइवर समेत अधिकांश घायलों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी भी रखी गई है।
प्रशासन सक्रिय, नेताओं ने भी लिया जायजा
इस हादसे के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया और सड़क पर पलटी बस को हटाने का काम शुरू किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ, लेकिन बाद में ट्रैफिक को दूसरी सड़क से डायवर्ट कर दिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे। राजीव भारद्वाज, रणवीर सिंह निक्का और अजय महाजन ने घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन में सावधानी की जरूरत को याद दिलाता है।
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