देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में अचानक हुई बड़ी बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा। खास तौर पर छोटे कारोबारियों, होटल-ढाबा संचालकों और मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका दबाव और बढ़ सकता है। हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसे अब तक की बड़ी वृद्धि माना जा रहा है। इस बढ़ोतरी ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है और लोगों के बीच महंगाई को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।
क्या और बढ़ेगी महंगाई? बढ़ी आशंकाएं
मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि सिर्फ गैस सिलेंडर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने इस आशंका को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है तो इसका असर हर वर्ग पर पड़ेगा। परिवहन महंगा होगा, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह स्थिति और मुश्किल पैदा कर सकती है। लोगों के बीच इस बात को लेकर बेचैनी है कि आने वाले दिनों में खर्च और बढ़ सकता है, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
सरकार की नीति पर उठे सवाल
बसपा प्रमुख ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चुनाव के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया था, लेकिन अब उसी नीति को जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कारणों का भी जिक्र किया, जैसे पश्चिम एशिया में तनाव, जिसका असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चाहे वजह कोई भी हो, सरकार को आम जनता पर पड़ने वाले असर का सही आकलन करना चाहिए और उसी के अनुसार कदम उठाने चाहिए। उनके इस बयान को सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
आम जनता पर सीधा असर और बढ़ती चिंता
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर धीरे-धीरे आम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ता है। मायावती ने कहा कि दिल्ली जैसे शहरों में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत तीन हजार रुपये के करीब पहुंचने की संभावना है, जो छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह ऐसे फैसले लेते समय गरीब और मध्यम वर्ग की स्थिति को ध्यान में रखे। कुल मिलाकर, यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।
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