क्रिकेट फैंस के बीच इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब MS Dhoni पूरी तरह फिट हो चुके हैं, तो आखिर वह मैदान पर वापसी क्यों नहीं कर रहे? ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी अब अपनी पिंडली की चोट से उबर चुके हैं और खेल के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद वह खुद को प्लेइंग इलेवन से दूर रखे हुए हैं। इसके पीछे कोई फिटनेस इश्यू नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा टीम निर्णय है। बताया जा रहा है कि धोनी नहीं चाहते कि उनकी वापसी से टीम का मौजूदा संतुलन बिगड़े, जो इस समय काफी प्रभावी नजर आ रहा है।
टीम पहले, खुद बाद में: धोनी का बड़ा त्याग
सूत्रों के अनुसार, Chennai Super Kings का मौजूदा संयोजन बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और टीम मैनेजमेंट भी इससे संतुष्ट है। ऐसे में धोनी नहीं चाहते कि उनकी एंट्री से किसी युवा खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़े। यही वजह है कि वह जानबूझकर अपनी वापसी को टाल रहे हैं। यह फैसला एक बार फिर दिखाता है कि धोनी सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम को प्राथमिकता देने वाले लीडर हैं। उनका यह रवैया युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि टीम की जरूरत सबसे ऊपर होती है।
कोच का बयान
आईपीएल 2026 के एक अहम मुकाबले से पहले जब चेन्नई के हेड कोच Stephen Fleming से धोनी की वापसी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ जवाब देने से बचते हुए कहा कि धोनी रिकवरी की दिशा में सही प्रगति कर रहे हैं। टीम मैनेजमेंट जो निर्देश दे रहा है, वह उसका पालन कर रहे हैं। इस बयान से यह साफ है कि धोनी की वापसी को लेकर अभी भी कोई तय तारीख सामने नहीं आई है और फैंस को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
सामने आया बड़ा अपडेट
वहीं, टीम के बल्लेबाजी कोच Michael Hussey ने यह स्पष्ट किया है कि जब भी धोनी टीम में लौटेंगे, वह विकेटकीपर की भूमिका में ही नजर आएंगे। फिलहाल उनकी गैरमौजूदगी में यह जिम्मेदारी दूसरे खिलाड़ी संभाल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हालांकि, धोनी की चोट का मुख्य असर उनकी दौड़ने की क्षमता पर पड़ा था, जो मैच के दौरान तेज रन लेने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वापसी के बाद वह पूरी तरह फिट होकर ही मैदान पर उतरें।
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