प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब पुलिस ने अतीक अहमद की करीब 1 अरब 10 करोड़ रुपये कीमत की बेनामी संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया है। जांच में सामने आया कि यह जमीन अतीक ने अपने करीबी मदन लाल भारतीया के नाम पर खरीदी थी। लंबे समय तक दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पुलिस ने इस संपत्ति को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस संपत्ति को राज्य सरकार के नाम दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
12 एकड़ से ज्यादा जमीन की जांच के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले बेनामी संपत्ति से जुड़ी शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद पता चला कि वर्ष 2014 से 2016 के बीच सदर तहसील क्षेत्र के गौसपुर कटहुला, भीटी असदुल्लापुर और शाहा उर्फ पीपलगांव में 12 एकड़ से अधिक जमीन अलग-अलग नामों पर खरीदी गई थी। मौजूदा समय में इन जमीनों की कीमत करीब 1.10 अरब रुपये आंकी गई है। मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया। टीम ने जमीन के रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों की जांच कर पूरी रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर कुर्की की कार्रवाई की गई।
पहले भी सामने आ चुकी हैं अतीक की बेनामी संपत्तियां
यह पहली बार नहीं है जब अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी पुलिस ने गौसपुर कटहुला इलाके में राजमिस्त्री हुबलाल के नाम पर दर्ज करीब 12.42 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया था। जांच में यह भी सामने आया था कि गरीब और कमजोर लोगों को डराकर उनके नाम जमीन खरीदी जाती थी। बाद में जरूरत पड़ने पर उन्हीं जमीनों की रजिस्ट्री दूसरे लोगों के नाम कराई जाती थी। पुलिस का कहना है कि इस तरह का नेटवर्क बनाकर अतीक ने अपनी कई संपत्तियां छिपाने की कोशिश की थी, जिनकी अब एक-एक कर जांच की जा रही है।
आर्थिक नेटवर्क तोड़ने की दिशा में पुलिस की लगातार कार्रवाई
प्रयागराज पुलिस का कहना है कि अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा। जांच एजेंसियां अभी भी ऐसे लोगों और संपत्तियों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनका संबंध अतीक के अवैध कारोबार से रहा है। अधिकारियों का मानना है कि बेनामी संपत्तियों पर लगातार कार्रवाई से अपराध के जरिए बनाई गई आर्थिक ताकत को कमजोर किया जा सकता है। पुलिस ने साफ किया है कि यदि जांच में अन्य बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को प्रयागराज में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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