दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव, कैराना से सांसद इकरा हसन और अन्य सपा सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले सांसदों को रोकना और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। हालांकि, इस दावे पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस पूरे मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उनके सांसदों को पुलिस थाने में बैठाया गया, जबकि बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की जा रही थी। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन लोगों का अधिकार है और सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए। अखिलेश यादव ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की एक मजबूत पहचान है।
डिंपल यादव ने छात्रों की मांगों का किया समर्थन
प्रदर्शन में शामिल होने से पहले डिंपल यादव ने कहा कि देश के छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, किसान, युवा और कई अन्य वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही। डिंपल यादव ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि उसके सांसदों को हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की स्थिति पुलिस की प्रतिक्रिया आने के बाद और स्पष्ट हो सकेगी। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई थी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर सरकार तथा विपक्ष के बीच क्या बातचीत होती है।
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