एक्ट्रेस स्वरा भास्कर इन दिनों फिल्म पद्मावत के जौहर सीन पर दिए अपने पुराने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उनके बयान पर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने स्वरा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि स्वरा ने जो सवाल उठाया, वह बिल्कुल सही है और इसका धर्म या आस्था से कोई संबंध नहीं है।
रेप सर्वाइवर्स को लेकर उठाया सवाल
मौलाना साजिद रशीदी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर कोई महिला यौन हिंसा का शिकार होने के बाद जिंदा रहती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कमजोर या डरपोक है। उन्होंने स्वरा की बात का समर्थन करते हुए कहा कि किसी महिला के सामने अपनी जान खत्म करने को सम्मान या बहादुरी के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इतिहास में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को लेकर भी अपनी राय रखी।
अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती का किया जिक्र
मौलाना ने इतिहास से जुड़े उदाहरण देते हुए अलाउद्दीन खिलजी और रतन सिंह के संदर्भ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक इतिहास में ऐसा कोई स्पष्ट उदाहरण नहीं मिलता, जिससे यह साबित हो कि किसी राजा ने महिला को पकड़ने के बाद उसके साथ अपराध किया हो। उन्होंने मुगल शासकों के हरम में हिंदू रानियों के होने का भी दावा किया और कहा कि जौहर को आस्था से जोड़कर देखना सही नहीं है।
क्या कहा था स्वरा भास्कर ने?
दरअसल, 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वरा से पद्मावत को लेकर 2018 में लिखे उनके खुले पत्र पर सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने फिल्म के जौहर सीन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर कोई रेप सर्वाइवर अपनी जिंदगी बचाकर जीती है तो उसे कायर नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई थी कि ऐसे दृश्यों से समाज में महिलाओं को लेकर गलत संदेश जा सकता है। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर स्वरा को आलोचना का सामना करना पड़ा, जबकि अब मौलाना साजिद रशीदी के समर्थन ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।
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