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कराची हमले पर भारत का नाम क्यों? पाकिस्तान के आरोप के बाद कांग्रेस का तीखा जवाब

कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाए, जिस पर कांग्रेस ने कड़ा जवाब दिया। जानें पूरा मामला और दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव।

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कांग्रेस का तीखा जवाब

पाकिस्तान के कराची में हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान सेना ने इस हमले के पीछे India का हाथ होने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि इस हमले को “जमात-उल-अहरार” नामक संगठन ने अंजाम दिया, जिसे वह भारत समर्थित बताता है। इस बयान के बाद पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है और दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

 पाकिस्तान सेना का आधिकारिक बयान

पाकिस्तान की डीजी आईएसपीआर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कराची स्थित रेंजर्स कैंप पर हमला हुआ, जिसमें पहले धमाका किया गया और फिर हमलावरों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। सेना के अनुसार, जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया और एक घायल आतंकी को गिरफ्तार किया गया, जो अफगान नागरिक बताया जा रहा है। इस मुठभेड़ में पाकिस्तान के तीन सैनिकों की मौत और चार के घायल होने की भी पुष्टि की गई है। सेना ने इसे भारत समर्थित आतंकी गतिविधि करार देते हुए “आतंकवाद विरोधी अभियान” को और तेज करने की बात कही है।

कांग्रेस का कड़ा जवाब और बयान

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत की विपक्षी पार्टी Indian National Congress ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को याद दिलाते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के परिणाम अंततः खुद उसी देश को भुगतने पड़ते हैं जो इसे पनाह देता है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि “अपने घर में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह दूसरों को ही काटेगा।” कांग्रेस ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह पहले अपने देश के भीतर आतंकवाद पर नियंत्रण करे और बाहरी आरोप लगाने की आदत छोड़े।

बढ़ता तनाव और राजनीतिक बयानबाजी

पाकिस्तान की सेना ने बयान में COAS आसिम मुनीर का भी जिक्र करते हुए कहा कि देश में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले का जवाब दिया जाएगा। सेना ने इसे “विदेशी समर्थित आतंकवाद” के खिलाफ कार्रवाई बताया है। वहीं दूसरी तरफ, भारत और विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता भी गहरी कर दी है।

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