कोलकाता के चर्चित आरजी कर अस्पताल रेप-मर्डर केस में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। उन पर मामले से जुड़े सबूतों से कथित छेड़छाड़ और उन्हें मिटाने की कोशिश से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। निर्मल घोष की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब इस मामले की दूसरी बरसी के मौके पर जांच को लेकर फिर से राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हुई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में क्या हुआ था। गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम संस्कार को लेकर उठे थे कई सवाल
आरजी कर मामले की जांच में पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त 2024 को घटना के बाद पीड़िता का अंतिम संस्कार पानीहाटी में किया गया था और उस दौरान निर्मल घोष भी मौजूद थे। हाल ही में इस प्रक्रिया को लेकर दोबारा जांच की मांग उठी। 9 अगस्त को मामले की दूसरी बरसी के मौके पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस से अंतिम संस्कार से जुड़े पहलुओं पर नया मामला दर्ज कर जांच करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं और क्या इससे मामले से जुड़े किसी सबूत पर असर पड़ा।
9 अगस्त 2024 को सामने आया था खौफनाक मामला
आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर मृत मिली थीं। जांच में उनके साथ रेप के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इस घटना ने पूरे पश्चिम बंगाल के साथ-साथ देशभर में गुस्सा पैदा कर दिया था। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ घटना से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठते रहे। खास तौर पर यह आरोप लगाया गया कि वारदात के बाद सबूतों को प्रभावित करने या मामले को दबाने की कोशिश की गई। अब पूर्व विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद जांच में एक नया मोड़ आया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कार्रवाई और जांच के नतीजों के बाद ही होगी।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकता है जांच का दायरा
निर्मल घोष की गिरफ्तारी से अब पुलिस की जांच केवल मूल वारदात तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि घटना के बाद की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है। पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि शव के अंतिम संस्कार के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और उस समय क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। साथ ही, कथित तौर पर सबूत मिटाने या उनसे छेड़छाड़ से जुड़े आरोपों की भी जांच होगी। आरजी कर मामला पहले से ही देश के सबसे चर्चित अपराध मामलों में रहा है और इसकी हर नई कार्रवाई पर लोगों की नजर रहती है। अब पूर्व TMC विधायक की गिरफ्तारी के बाद यह देखना अहम होगा कि पूछताछ और आगे की जांच में कौन-कौन सी नई जानकारियां सामने आती हैं।







