वैश्विक समुद्र विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने भारत सहित दुनिया भर के नीति निर्माताओं को चौंका दिया है। हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान कुछ भारतीय नाविकों की दुखद मौत का मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ भारत को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि खाड़ी देशों में भी इसकी तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भारत के पुराने और रणनीतिक मित्र देश ईरान ने इस घटना पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। ईरान ने इस पूरे मामले पर न केवल गहरा दुख जताया है, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए एक बेहद तीखा बयान जारी कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
ईरान का भारत से खास कनेक्शन और संवेदना का संदेश
भारतीय नाविकों की असमय मौत पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता और पब्लिक डिप्लोमेसी सेंटर के प्रमुख इस्माइल बक़ाई ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर साझा किए गए अपने एक आधिकारिक संदेश में बक़ाई ने कहा कि ईरान इस कठिन समय में मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और उनके दोस्तों के दर्द को पूरी तरह महसूस करता है। उन्होंने भारत की जनता और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और सहानुभूति प्रकट की है। ईरान का यह संदेश दिखाता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध कितने गहरे हैं और संकट के समय वे एक-दूसरे के प्रति कितनी संवेदनशीलता रखते हैं।
अमेरिका पर लगे गंभीर आरोप: ‘सरकारी समुद्री डकैती’ का दावा
इस दुखद घटना पर शोक जताने के साथ ही ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति और वहां के प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अपने बयान में वाशिंगटन पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि यह हमला कोई सामान्य सैन्य भूल नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की कथित हथियारबंद लूट और ‘सरकारी समुद्री डकैती’ (State Piracy) की जारी नीति का एक और जीता-जागता और क्रूर उदाहरण है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका की इस तरह की एकतरफा और आक्रामक कार्रवाइयां सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती हैं और वैश्विक समुद्री सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को मटियामेट कर देती हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील और कूटनीतिक हलचल
ईरान ने इस मुद्दे को सिर्फ एक क्षेत्रीय विवाद तक सीमित न रखते हुए इसे वैश्विक मंच पर उठाने की वकालत की है। इस्माइल बक़ाई ने दुनिया के तमाम देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुरजोर अपील की है कि वे अमेरिका के इस कथित गैर-कानूनी और आक्रामक व्यवहार के खिलाफ एकजुट हों और उसे जवाबदेह ठहराएं। ईरान के मुताबिक, महाशक्तियों की ऐसी गतिविधियां न केवल वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस गंभीर आरोप पर भारत और अमेरिका की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है।
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