ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क से जुड़े एक चैनल पर प्रसारित लाइव कार्यक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम के दौरान एक महिला टीवी प्रेजेंटर ने स्टूडियो के अंदर AK-47 राइफल से फायरिंग कर दी और निशाना बनाया संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रीय झंडे को। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के अंदर चल रहे सैन्य माहौल को लेकर नई बहस छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना 15 मई को ईरान के ‘ओफोग’ चैनल पर प्रसारित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां हथियारों के इस्तेमाल और ट्रेनिंग को लाइव दिखाया जा रहा था। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टूडियो में मौजूद एक नकाबपोश सैन्य ट्रेनर एंकर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था और उसी दौरान एंकर ने AK-47 से UAE के झंडे पर गोली चला दी।
कैमरे के सामने दी गई हथियार चलाने की ट्रेनिंग, बातचीत भी आई सामने
सामने आए फुटेज में स्टूडियो का माहौल किसी सैन्य ट्रेनिंग कैंप जैसा दिखाई देता है। एंकर और ट्रेनर के बीच हुई बातचीत ने भी लोगों को हैरान कर दिया। वीडियो में एंकर कहती सुनाई देती है कि वह तैयार है, जिसके बाद ट्रेनर उसे निशाना साधने और सांस नियंत्रित करने की सलाह देता है। इसके बाद एंकर सीधे UAE के झंडे पर निशाना लगाने की बात कहती है और कुछ ही सेकेंड बाद गोली चला देती है। ट्रेनर उसे “अल्लाह के नाम पर” फायर करने को कहता है। यह पूरा दृश्य लाइव टीवी पर प्रसारित हुआ, जिसे लेकर कई देशों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल टीवी शो नहीं बल्कि एक संदेश देने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि ईरानी प्रशासन की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
‘ईरान के लिए जान की बाजी’ अभियान से जोड़ा जा रहा मामला
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्यक्रम ईरान में चलाए जा रहे एक बड़े राष्ट्रवादी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान का नाम “ईरान के लिए जान की बाजी” रखा गया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच लाखों ईरानी नागरिक इस वॉलंटरी प्रोग्राम से जुड़ चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 3 करोड़ 10 लाख लोगों ने इस अभियान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी अभियान के तहत टीवी एंकरों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम नागरिकों को भी बेसिक हथियार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अपने नागरिकों के बीच राष्ट्रवाद और युद्ध की तैयारी का माहौल मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे बेहद खतरनाक और उकसाने वाला कदम बताया है, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे ईरान की “राष्ट्रीय तैयारी” का हिस्सा कहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय ध्वज को लाइव टीवी पर निशाना बनाना कूटनीतिक रूप से गंभीर संदेश माना जाता है। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है, इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय रिश्तों को और ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि UAE की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी या नहीं, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में जरूर आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।
Read more-‘मैं नहीं करूंगा…’ रोहिणी कोर्ट में जज और वकील के बीच हाई-वोल्टेज बहस, वायरल VIDEO से मचा हड़कंप







