सिर्फ 100 मीटर दूर था घर, तभी रुकी कार और हो गया कत्ल! बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद जहां राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म था, वहीं बुधवार रात हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला उस समय हुआ जब रथ अपनी कार से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही उनकी गाड़ी मुख्य सड़क से घर की गली में मुड़ी, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें रोक लिया। घर से करीब 100 मीटर पहले एक सिल्वर रंग की कार उनके सामने आकर खड़ी हो गई, जिससे उनकी गाड़ी रुक गई। इसके तुरंत बाद बाइक पर सवार एक युवक नीचे उतरा और बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में रथ को सीने और पेट में गोलियां लगीं, जबकि उनका ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाके में अचानक हुई फायरिंग से दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। घायल अवस्था में दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया।

फर्जी नंबर प्लेट और मिटाया गया चेसिस नंबर 

जांच में सामने आए शुरुआती तथ्यों ने इस हत्याकांड को और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस सिल्वर रंग की कार से रथ की गाड़ी को रोका गया, उसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। इतना ही नहीं, गाड़ी का चेसिस नंबर भी मिटाया गया था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि हमलावरों ने पूरी योजना बेहद पेशेवर तरीके से बनाई थी। घटनास्थल से कई खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की गई हैं। पुलिस को शक है कि हत्या को अंजाम देने वाले अपराधियों ने पहले से इलाके की रेकी की थी और भागने के लिए ऐसा स्थान चुना था जहां कई रास्ते मौजूद हों। जिस तिराहे पर हमला हुआ, वहां से एक रास्ता सुनसान इलाके की ओर जाता है, जिससे हमलावर आसानी से फरार हो सकते थे। जांच एजेंसियों को गाड़ी के अंदर कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं जो जल्दबाजी में भागने की ओर इशारा करते हैं। ड्राइविंग सीट की सीट बेल्ट दरवाजे में फंसी मिली, जिससे माना जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी तेजी से वाहन छोड़कर बाइक से भागे।

CCTV फुटेज से खुल सकता है हत्या का राज

जिस जगह पर यह हमला हुआ, वह पूरी तरह सुनसान इलाका नहीं था। आसपास रिहायशी मकान हैं और सड़क किनारे CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। यही वजह है कि अब पुलिस की पूरी जांच CCTV फुटेज पर टिकी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों में हमलावरों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई होंगी। पुलिस इलाके के अलग-अलग कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए। शुरुआती जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या चंद्रनाथ रथ का पहले से पीछा किया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने जिस तरह से रथ की कार को रोका और कुछ ही सेकंड में फायरिंग कर भाग निकले, उससे यह साफ होता है कि पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत की गई थी। डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने भी पुष्टि की है कि अपराध में इस्तेमाल वाहन की नंबर प्लेट नकली थी और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से जांच आगे बढ़ा रही है।

चुनावी हिंसा के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं और चंद्रनाथ रथ की हत्या ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। बीजेपी नेताओं ने इस घटना को कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया है, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि घटना से कुछ घंटे पहले ही शुभेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो। लेकिन उसी रात उनके करीबी सहयोगी की हत्या ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। पुलिस अब हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश, पुरानी दुश्मनी और पेशेवर अपराधियों की भूमिका समेत सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चंद्रनाथ रथ की हत्या किसने और किस मकसद से करवाई?

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