महंगाई के दौर में आम आदमी को एक और बड़ा झटका लगा है। रसोई गैस के बाद अब दूध के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। ओडिशा Milk Federation (OMFED) ने राज्य में दूध की कीमत 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर हर घर के बजट को प्रभावित करेगी, क्योंकि दूध रोजमर्रा की सबसे जरूरी चीजों में से एक है। खास बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पहले से ही खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?
राज्य सरकार का कहना है कि दूध के दाम बढ़ाने के पीछे बड़ी वजह लागत में बढ़ोतरी है। प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट का खर्च पहले के मुकाबले ज्यादा हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। राज्य के मंत्री Gokulananda Mallik ने बताया कि डेयरी सेक्टर को चलाने और किसानों को उचित दाम देने के लिए यह फैसला जरूरी था। उनका कहना है कि अगर कीमत नहीं बढ़ाई जाती, तो सप्लाई पर असर पड़ सकता था।
नई कीमतें क्या होंगी?
नई दरों के अनुसार अब टोंड दूध 50 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं प्रीमियम दूध 54 से बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। गोल्ड प्रीमियम दूध की कीमत 56 से 60 रुपये और गोल्ड प्रीमियम प्लस की कीमत 60 से 64 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। आधा लीटर यानी 500 मिलीलीटर के पैकेट की कीमत भी बढ़ी है—टोंड दूध अब 27 रुपये और प्रीमियम दूध 29 रुपये में मिलेगा। ये नई कीमतें तुरंत लागू कर दी गई हैं, जिससे लोगों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
बजट पर असर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम
दूध महंगा होने का असर सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। इससे जुड़े दूसरे उत्पाद जैसे दही, पनीर और मिठाइयों के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में घर का मासिक खर्च और बढ़ने की संभावना है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को इसका ज्यादा असर महसूस होगा। फिलहाल लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार महंगाई को कम करने के लिए आगे कुछ राहत के कदम उठाएगी, ताकि आम आदमी को थोड़ी राहत मिल सके।








