UP Board Result 2026 OUT: लड़कियों ने फिर मारी बाजी! पास प्रतिशत देखकर चौंक जाएंगे आप

UP Board Result 2026 OUT: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है, जिसका लाखों छात्रों को बेसब्री से इंतजार था। इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा के नतीजों की बात करें तो इस साल कुल पास प्रतिशत 80.38 फीसदी रहा। परीक्षा में कुल 24,86,072 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें 13,09,397 लड़के और 11,76,675 लड़कियां थीं। इनमें से 19,98,317 छात्र पास घोषित किए गए। संस्थागत छात्रों का रिजल्ट 80.47 फीसदी रहा, जबकि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 77.54 दर्ज किया गया। इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उनकी लगातार बढ़ती पकड़ साफ दिखाई देती है।

लड़कियों ने फिर दिखाई ताकत

इंटरमीडिएट रिजल्ट के आंकड़ों में सबसे खास बात यह रही कि लड़कियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया। जहां लड़कों का पास प्रतिशत 75.04 रहा, वहीं लड़कियों का पास प्रतिशत 86.32 फीसदी दर्ज किया गया। यानी लड़कियां लड़कों से 11.28 फीसदी आगे रहीं। कुल पास छात्रों में भी लड़कियों की संख्या ज्यादा रही—10,15,707 लड़कियां पास हुईं, जबकि 9,82,610 लड़के सफल हुए। यह ट्रेंड पिछले कुछ सालों से लगातार देखने को मिल रहा है, जहां छात्राएं हर बार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। बोर्ड के अनुसार, इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया भी समय पर पूरी की गई, जिसमें करीब 55,973 परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की।

हाईस्कूल में 90.42% रिजल्ट, छात्राओं का दबदबा कायम

हाईस्कूल यानी 10वीं कक्षा के नतीजे और भी बेहतर रहे हैं। इस साल कुल पास प्रतिशत 90.42 फीसदी दर्ज किया गया, जो काफी अच्छा माना जा रहा है। परीक्षा में 26,01,381 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से 23,52,181 सफल घोषित किए गए। यहां भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया—लड़कियों का पास प्रतिशत 93.76 रहा, जबकि लड़कों का 87.30 फीसदी। यानी इस स्तर पर भी लड़कियां 6.46 फीसदी आगे रहीं। संस्थागत छात्रों का पास प्रतिशत 90.51 रहा, जबकि व्यक्तिगत छात्रों का 66.67 फीसदी रहा, जिससे यह साफ है कि नियमित स्कूल जाने वाले छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा।

 समय पर मूल्यांकन और परीक्षा प्रक्रिया पूरी

इस साल बोर्ड ने परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर खास ध्यान दिया। हाईस्कूल की कॉपियों की जांच 96,803 परीक्षकों द्वारा की गई, जबकि इंटरमीडिएट के लिए 55,973 परीक्षक लगाए गए थे। इसके अलावा इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षाएं जनवरी से फरवरी के बीच दो चरणों में आयोजित की गईं, जिनमें 18,000 से ज्यादा परीक्षकों ने हिस्सा लिया। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गई, ताकि छात्रों को समय पर परिणाम मिल सके। अब छात्र अपने रिजल्ट के आधार पर आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय कर सकेंगे।

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