Woman Death In Flight: हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर सफर करना वैसे ही रोमांचक होता है, लेकिन कल्पना कीजिए कि आप जिस विमान में बैठे हैं, वहीं आपके बगल में कोई मृत शरीर रखा हो। ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA32 (एयरबस A350-1000) में सवार 331 यात्रियों के लिए रविवार का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं था। हांगकांग से लंदन की इस लंबी उड़ान ने जैसे ही उड़ान भरी, महज एक घंटे के भीतर 60 वर्षीय एक महिला यात्री की अचानक मौत हो गई। विमान के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, परिजन सदमे में थे और क्रू मेंबर्स के हाथ-पांव फूल गए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि मौत की पुष्टि होने के बावजूद पायलट ने विमान को लैंड करने या वापस मोड़ने के बजाय, अगले 13 घंटों तक सफर जारी रखने का फैसला किया।
शव रखने की जगह बनी मुसीबत: टॉयलेट या गैली?
जब विमान के बीच हवा में किसी की मौत होती है, तो सबसे बड़ी चुनौती शव को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रखने की होती है। शुरुआती चर्चा में क्रू मेंबर्स ने शव को टॉयलेट में रखने का विचार किया, लेकिन सुरक्षा और अन्य यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसे खारिज कर दिया गया। अंततः, महिला के पार्थिव शरीर को विमान के पिछले हिस्से यानी ‘गैली’ (जहां क्रू खाना तैयार करता है) में शिफ्ट कर दिया गया। शव को कंबल से ढक दिया गया ताकि यात्रियों की नजर उस पर न पड़े। हालांकि, नियमों का हवाला देकर फ्लाइट को डायवर्ट नहीं किया गया, जिससे विमान में सवार कई लोग नाराज भी दिखे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन नियमों की बेड़ियों में जकड़ा क्रू मजबूरी में सफर पूरा करने की तैयारी में जुट गया।
गर्म फर्श और उठती बदबू: जब विमान में बैठना हुआ दूभर
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी लापरवाही और तकनीकी चूक तब सामने आई जब सफर के आखिरी घंटों में विमान के भीतर एक अजीब सी दुर्गंध फैलने लगी। दरअसल, जिस गैली एरिया के फर्श पर शव को रखा गया था, वह हिस्सा तकनीकी रूप से गर्म रहता है। घंटों तक गर्म सतह पर रहने के कारण शव से बदबू आने लगी, जिसने देखते ही देखते विमान के पिछले हिस्से के केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। यात्री परेशान होने लगे और क्रू से शिकायतें की जाने लगीं। जब विमान लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, तो स्थिति काफी तनावपूर्ण हो चुकी थी। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जांच पूरी होने तक किसी भी यात्री को 45 मिनट तक अपनी सीट से हिलने की अनुमति नहीं दी गई।
क्या कहते हैं अंतरराष्ट्रीय नियम और ब्रिटिश एयरवेज की सफाई?
इस पूरे मामले पर ब्रिटिश एयरवेज ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट यूनियन (IATA) के दिशानिर्देशों का अक्षरशः पालन किया है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, विमान में मौत को मेडिकल इमरजेंसी नहीं माना जाता, जिसके लिए फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग अनिवार्य हो। नियम कहते हैं कि शव को खाली सीट या किसी ऐसी जगह रखा जाना चाहिए जहां वह कम से कम दिखाई दे। चूंकि फ्लाइट पूरी तरह भरी हुई थी, इसलिए गैली ही एकमात्र विकल्प बचा था। आंकड़ों की बात करें तो, उड़ान के दौरान मौत की घटनाएं बेहद दुर्लभ (मात्र 0.3%) होती हैं। एयरलाइन ने मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है, लेकिन यात्रियों के मन में यह सवाल अब भी बरकरार है कि क्या 13 घंटे तक शव के साथ सफर करना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ नहीं था?
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