भारतीय शेयर बाजार में मची भगदड़! निवेशकों के 7,60,00,00,00,000 करोड़ डूबे, किसकी वजह से आई तबाही?

Stock Market Crash: गुरुवार, 19 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया। कारोबार शुरू होने के महज एक घंटे के भीतर ही करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये का मार्केट वैल्यू साफ हो गया। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:23 बजे सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा टूटकर 75 हजार के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 450 अंकों से ज्यादा गिर गया। बाजार में इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ा दी और बिकवाली तेज हो गई।

 मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे तेल ने बढ़ाई चिंता

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक तनाव को माना जा रहा है। Iran और Israel के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों को हिला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया है। इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जो 111-112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। भारत जैसे देश, जो तेल आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है।

बैंकिंग सेक्टर का झटका और विदेशी निवेशकों की निकासी

बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी खबर भी रही। HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। इसके चलते बैंक के शेयरों में 8-9 प्रतिशत तक की गिरावट आई और मार्केट कैप में भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। जब बड़े निवेशक पैसे निकालते हैं, तो बाजार में बिकवाली और तेज हो जाती है, जिसका असर सभी सेक्टरों पर देखने को मिला।

रुपये की कमजोरी और वैश्विक संकेतों ने बिगाड़ी तस्वीर

इस गिरावट को और गहरा करने में रुपये की कमजोरी और वैश्विक संकेतों ने भी अहम भूमिका निभाई। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों में और चिंता बढ़ी। वहीं Federal Reserve के सख्त रुख के संकेतों ने भी बाजार को प्रभावित किया। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से वैश्विक निवेशकों का रुख सतर्क हो गया। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और आईटी, ऑटो, बैंकिंग से लेकर FMCG तक लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।

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