कर्नाटक के चित्रदुर्ग तालुक के हुनासेकट्टे गांव में मंगलवार सुबह स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। सरकारी प्राथमिक स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा सृष्टि माब अचानक कोबरा सांप के काटने का शिकार हो गई। छात्रा स्कूल के सामने वाले हिस्से में खड़ी थी, तभी सांप छिपकर उस पर हमला करने आया। छात्रा की चीख सुनकर आसपास मौजूद शिक्षक और छात्र तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना स्कूल परिसर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों के खेल और पढ़ाई के दौरान ऐसे खतरे न सिर्फ उनकी जान को जोखिम में डालते हैं, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के लिए चिंता का कारण भी बनते हैं।
टीचर रविशंकर का साहसिक कदम
घटना की गंभीरता को देखकर स्कूल के शिक्षक रविशंकर ने तुरंत साहसिक कदम उठाया। उन्होंने बिना देर किए छात्रा के घाव से अपने मुंह से जहर चूसकर बच्ची की जान बचाई। उनके इस साहसिक कदम की स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने खूब सराहना की।
डॉक्टरों के अनुसार, जहर चूसने की कार्रवाई तुरंत न की जाती तो बच्चे पर इसका गंभीर असर पड़ सकता था। रविशंकर की तत्परता और सूझबूझ ने समय रहते बचाव सुनिश्चित किया। उनकी इस बहादुरी को पूरे इलाके में उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
बच्ची और टीचर की हालत
घटना के तुरंत बाद घायल छात्रा सृष्टि माब को नजदीकी बसवेश्वरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है। वहीं, जहर चूसने के कारण शिक्षक रविशंकर की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि रविशंकर की स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं है, लेकिन निगरानी में रखना जरूरी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि स्कूल परिसर में सांपों की जांच कराई जाए और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्कूल सुरक्षा और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्कूल परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल परिसर की जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों के आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर नियमित निगरानी, साफ-सफाई और बच्चों को जागरूक करना जरूरी है। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए जल्द और ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।
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