Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली अजित पवार प्लेन क्रैश घटना की जांच अब एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की जान चली गई थी। यह दुर्घटना उस समय हुई जब वीएसआर वेंचर्स कंपनी द्वारा संचालित एक लीयरजेट 45 विमान लैंडिंग के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद से ही इसकी जांच अपराध अन्वेषण विभाग (CID) द्वारा की जा रही है। लेकिन अब इस पूरे मामले में नए सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले को लेकर गंभीर शंकाएं जताई हैं और कहा है कि कहीं इस हादसे की असली वजह छिपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही
रोहित पवार के तीखे सवाल
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने खास तौर पर वीएसआर वेंचर्स के मालिक वी. के. सिंह के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें दुर्घटना के लिए पायलट की गलती को जिम्मेदार बताया गया था। रोहित पवार का कहना है कि अभी तक जांच एजेंसियों ने ब्लैक बॉक्स के डेटा के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में वी. के. सिंह को इतनी जल्दी कैसे पता चल गया कि दुर्घटना पायलट की गलती से हुई? उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इतनी जल्दी पायलट को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो यह शक पैदा करता है कि कहीं असली जिम्मेदारी से बचने की कोशिश तो नहीं की जा रही। उनके अनुसार, जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी पर दोष मढ़ना सही नहीं है।
ब्लैक बॉक्स को लेकर भी रहस्य बरकरार
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल विमान के ब्लैक बॉक्स को लेकर उठ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में कभी यह कहा गया कि दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स जल गया और उसका डेटा नष्ट हो गया, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उसमें मौजूद जानकारी को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया गया है। इन विरोधाभासी खबरों के कारण लोगों के मन में और ज्यादा सवाल पैदा हो रहे हैं। रोहित पवार ने कहा कि अगर ब्लैक बॉक्स का डेटा मौजूद है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं CID ने भी वी. के. सिंह से पूछताछ के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा हादसा
अजित पवार की मौत से जुड़ा यह हादसा अब केवल एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इतने बड़े हादसे की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और हर तथ्य जनता के सामने रखा जाना चाहिए। रोहित पवार ने कहा कि जब तक जांच एजेंसियां ठोस और विश्वसनीय जानकारी सामने नहीं लातीं, तब तक अफवाहों और दावों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वास्तव में पायलट की गलती थी या दुर्घटना के पीछे कोई और तकनीकी या प्रबंधन से जुड़ी वजह थी। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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