राघव चड्ढा के ऐलान से हिली आम आदमी पार्टी की जड़े? जानें राज्यसभा में AAP के पास कितने बचे सांसद

आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर अचानक आई हलचल ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राघव चड्ढा के दावे ने यह संकेत दिया है कि पार्टी में बड़ी टूट हो चुकी है। उनके मुताबिक, राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सांसदों में से दो-तिहाई से ज्यादा उनके साथ हैं और ये सभी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में जरूरी दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए गए हैं। इस दावे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हुआ कि अब उच्च सदन में आम आदमी पार्टी की वास्तविक स्थिति क्या है और उसके पास कितने सांसद बचे हैं।

अब राज्यसभा में ‘आप’ के कितने सांसद बचे?

राघव चड्ढा के दावे के बाद जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार AAP की संख्या राज्यसभा में काफी घट गई है। पहले जहां पार्टी के पास 10 सांसद थे, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल तीन रह गई बताई जा रही है। इनमें संजय सिंह, नारायण दास और संत बलबीर सिंह के नाम सामने आ रहे हैं, जो अब भी पार्टी के साथ खड़े माने जा रहे हैं। दूसरी ओर, राघव चड्ढा के साथ जाने वाले नेताओं में कई बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी की संसदीय ताकत पर सीधा असर पड़ना तय है। अगर यह स्थिति औपचारिक रूप से स्पष्ट होती है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।

‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोप

इस पूरे घटनाक्रम पर AAP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर “ऑपरेशन लोटस” चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी के सांसदों को तोड़कर बीजेपी में शामिल कराया जा रहा है, ताकि पंजाब की भगवंत मान सरकार को कमजोर किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है और इसके पीछे केंद्र की राजनीति का बड़ा खेल है। संजय सिंह के मुताबिक, यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ कदम है, जो जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाता है।

अमित शाह पर निशाना, आगे क्या होगा?

AAP ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर अमित शाह पर निशाना साधा है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के दबाव का इस्तेमाल कर सांसदों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कुछ नेताओं के यहां हुई जांच कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तरह का दबाव बनाकर राजनीतिक समीकरण बदले जा रहे हैं। वहीं, पार्टी का यह भी कहना है कि पंजाब की जनता इस घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं करेगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह दावा आधिकारिक रूप लेता है या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी साबित होता है। फिलहाल, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

Read More-AAP में सबसे बड़ी टूट? राघव चड्ढा का इस्तीफा और 7 सांसदों के BJP जाने के दावे से मचा सियासी भूचाल

 

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img