हिंद महासागर में अमेरिकी सेना ने एक ऐसे तेल टैंकर को रोक लिया, जिसे कैरेबियन सागर से करीब 10 से 15 हजार किलोमीटर तक ट्रैक किया गया था। यह टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर निकला था और उस पर 1.9 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल लदा बताया जा रहा है। अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमान यानी United States Southern Command ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जहाज को लंबी निगरानी के बाद हिंद महासागर में रोका गया। इस ऑपरेशन में मिलिट्री हेलीकॉप्टरों की मदद से सैनिकों ने रात के समय जहाज पर चढ़कर उसका कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। कैरेबियन से हिंद महासागर तक इतनी दूरी तक किसी जहाज को लगातार ट्रैक करना अपने आप में एक बड़ा सैन्य और तकनीकी अभियान माना जा रहा है।
‘बर्था’ टैंकर पर क्या है मामला?
जिस टैंकर को रोका गया, उसका नाम ‘बर्था’ है। बताया जा रहा है कि यह जहाज कुक आइलैंड्स के झंडे के तहत रजिस्टर्ड था और उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) की वेबसाइट के अनुसार यह जहाज ईरान से जुड़े प्रतिबंधों की सूची में भी शामिल रहा है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि वेनेजुएला वर्षों से प्रतिबंधों से बचने के लिए दूसरे देशों के झंडे वाले जहाजों का इस्तेमाल कर तेल की बिक्री करता रहा है। राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने दिसंबर में प्रतिबंधित टैंकरों को अलग-थलग करने का आदेश दिया था। इसके बाद से अमेरिकी एजेंसियां ऐसे जहाजों पर कड़ी निगरानी रख रही थीं। ‘बर्था’ को लेकर अभी तक पेंटागन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इसे औपचारिक रूप से जब्त किया गया है या सिर्फ नियंत्रण में लिया गया है।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद टैंकरों में भगदड़
रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro की गिरफ्तारी के बाद हालात और तेज हो गए। जहाजों की मूवमेंट पर नजर रखने वाली संस्था TankerTrackers.com के को-फाउंडर समीर मदानी ने दावा किया कि मादुरो के पकड़े जाने के बाद कम से कम 16 टैंकर वेनेजुएला के तट से निकल गए थे। इनमें से ‘बर्था’ आखिरी प्रमुख टैंकर था, जिसका पीछा किया जा रहा था। संस्था ने सैटेलाइट इमेजरी और समुद्री सतह की तस्वीरों के जरिए जहाजों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। मदानी के अनुसार ‘बर्था’ में करीब 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल था और पिछले कुछ वर्षों में यह जहाज दूसरे टैंकरों से तेल ट्रांसफर कर चीन जैसे देशों तक डिलीवरी करता रहा है।
ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद तेल की तस्करी ग्लोबल सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही थी। ऐसे में यह कार्रवाई सिर्फ एक जहाज को रोकने भर का मामला नहीं, बल्कि व्यापक रणनीति का हिस्सा है। Pentagon द्वारा जारी वीडियो में सैन्य हेलीकॉप्टरों को टैंकर की ओर उड़ान भरते दिखाया गया है, जो इस ऑपरेशन की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि टैंकर को आगे किस बंदरगाह पर ले जाया जाएगा या उसके तेल का क्या होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और तेल बाजार दोनों पर असर डाल सकती है। अमेरिका की यह कार्रवाई संकेत देती है कि प्रतिबंधों को लागू कराने के लिए वह समुद्री मार्गों पर भी सख्ती बढ़ाने को तैयार है।








