Gen Z को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बहस तेज हो गई है। मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें Gen Z पर भरोसा है, लेकिन किसी भी विवादित घटना पर बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने उन पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं को मोहन भागवत या किसी अन्य व्यक्ति से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्रियंका गांधी बोलीं- युवाओं को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोहन भागवत के Gen Z से जुड़ने और युवाओं पर भरोसा जताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह साबित करने के लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है कि वे सही हैं या गलत। कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी इस मुद्दे पर मोहन भागवत और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर Gen Z की वास्तव में चिंता है तो छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से संसद में आकर छात्रों से माफी मांगने की मांग भी उठाई। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ कथित कार्रवाई और जवाबदेही के मुद्दे को भी इस बहस से जोड़ा।
मोहन भागवत ने कहा- पूरी जानकारी के बिना फैसला नहीं
मोहन भागवत ने छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प से जुड़े सवाल पर कहा कि उनके पास इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में बिना तथ्यों को जाने किसी एक पक्ष को सही या गलत ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह Gen Z पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं, लेकिन किसी घटना की सच्चाई समझने के लिए उपलब्ध रिपोर्ट और तथ्यों को देखना जरूरी है। भागवत ने यह भी कहा कि कुछ रिपोर्टों में आंदोलन के दौरान असामाजिक तत्वों की मौजूदगी का दावा किया गया है, लेकिन जब तक इसकी प्रमाणित जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है। उनके इस बयान को युवाओं पर भरोसे और किसी विवाद में तथ्यों के आधार पर राय बनाने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
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