‘लॉक अप 2’ का फिनाले समाप्त होने के बाद जहां पूरी स्टार कास्ट और मेकर्स सक्सेस पार्टी की रौनक बढ़ाने में जुटे थे, वहीं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने इससे बिल्कुल अलग और बेहद खास रास्ता चुना। पार्टी की चकाचौंध और शोर-शराबे से दूर शिल्पा सीधे कर्जत स्थित अपने शेल्टर होम पहुंच गईं। इस खूबसूरत कदम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जमीनी जुड़ाव और मानवीय संवेदनाएं क्या होती हैं। शो की ट्रॉफी जीतने से ज्यादा उनके लिए अपनों के बीच पहुंचकर सुकून पाना मायने रखता था।
‘मां’ के आत्मीय स्वागत ने भर आया सबका दिल
जैसे ही शिल्पा शिंदे शेल्टर होम के गेट पर पहुंचीं, वहां पहले से उनका इंतजार कर रही बुजुर्ग महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। महिलाओं ने बिना किसी दिखावे के बेहद सादगी और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। किसी ने उन्हें फूलों की माला पहनाई तो किसी ने माथे पर हाथ फेरकर प्यार लुटाया। इस आत्मीय स्वागत और अपनापन देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, जो यह बयां करने के लिए काफी था कि शिल्पा का इन महिलाओं के साथ कितना गहरा और भावनात्मक रिश्ता है।
जब बुजुर्ग महिला का हाथ चूमते ही छलके आंसू
यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि भावनाओं का ज्वार थी। इस दौरान एक बेहद इमोशनल पल तब आया जब एक बुजुर्ग महिला शिल्पा को सामने देख अपने आंसू रोक नहीं पाईं और फफककर रो पड़ीं। दूसरी ओर, एक अन्य महिला ने प्यार से शिल्पा का हाथ चूमा और उन्हें सीने से लगा लिया। इन बेघर और बेसहारा मांओं का निस्वार्थ और सच्चा प्यार देखकर शिल्पा शिंदे भी खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाईं और वे भी बुजुर्ग महिलाओं को गले लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ीं।
ट्रॉफी नहीं जीती तो क्या हुआ, करोड़ों दिलों पर राज कर रही हैं एक्ट्रेस
भले ही शिल्पा शिंदे इस सीजन की ट्रॉफी अपने नाम करने से चूक गई हों, लेकिन शो से बाहर आते ही उन्होंने जिस तरह से इन बेसहारा मांओं का दिल जीता है, उसने करोड़ों आम लोगों के दिलों में उनके लिए इज्जत और बढ़ा दी है। यह वाकया साफ तौर पर सिखाता है कि शोहरत और पार्टियों की चमक-दमक से बहुत ऊपर मानवीय रिश्ते होते हैं। सोशल मीडिया पर शिल्पा के इस सादगी भरे अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है और फैंस इसे एक सच्ची जीत मान रहे हैं।








