धर्म परिवर्तन कानून पर सियासी तूफान: CM फडणवीस ने विपक्ष को कहा ‘पहले पढ़ो, फिर…’

महाराष्ट्र विधानसभा में हाल ही में पारित ‘महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट, 2026’ को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे कानून को पढ़े बिना ही इसका विरोध कर रहे हैं और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। फडणवीस ने कहा कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और इसका मकसद केवल धर्म परिवर्तन के नाम पर होने वाली गलत और जबरन प्रथाओं को रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष इस कानून को ध्यान से पढ़ेगा, तो उसे समझ में आएगा कि इसमें धर्म और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित है। जो लोग झूठ, लालच, दबाव या धोखे से धर्म परिवर्तन कराते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और सजा का प्रावधान किया गया है। फडणवीस ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में महिलाओं को शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है और बाद में छोड़ दिया जाता है। कानून में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

विपक्ष का विरोध और राजनीति की बहस

फडणवीस ने यह भी कहा कि विपक्ष का विरोध केवल राजनीतिक है और इसका मकसद कानून की संवैधानिक विवेकशीलता को समझने की बजाय विरोध करना है। उन्होंने कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यदि विपक्ष इस कानून को सही तरीके से पढ़ेगा, तो वह इसका विरोध नहीं करेगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र ऐसा कानून लाने वाला पहला राज्य नहीं है। देश के कई अन्य राज्यों में पहले से धर्म परिवर्तन विरोधी कानून लागू हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु में भी यह कानून रहा है, जबकि वहां बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही।

राज्य में इस कानून को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि कानून धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है, जबकि सरकार इसे केवल गलत प्रथाओं को रोकने का प्रयास बता रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आगामी चुनावों के मद्देनजर यह मामला और गरमाने की संभावना है।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर फडणवीस की सफाई

इस बीच, घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया। फडणवीस ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर एलपीजी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और जो अफवाहें फैली हैं, वे गलत हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पैनिक बुकिंग जैसी प्रवृत्ति बाजार में अनावश्यक दबाव पैदा कर सकती है। इसीलिए केंद्र सरकार ने नियम लागू किया है कि एक घरेलू सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 23 दिनों के बाद ही दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने सिलेंडर समय पर ही बुक करें। फडणवीस ने सुप्रिया सुले के बयान पर भी निशाना साधा और कहा कि गलत सूचना से लोगों में डर पैदा हुआ।

जनता के लिए संदेश और भविष्य की रणनीति

फडणवीस ने जनता से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और एलपीजी की आपूर्ति नियमित है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार निगरानी रख रही है ताकि सिलेंडर हर घर तक समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि धर्म परिवर्तन कानून का उद्देश्य किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल गलत प्रथाओं को रोकना है।

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