महिला एशिया कप के फाइनल के बाद भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार का मामला अब राजनीतिक बहस में पहुंच गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं और पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं, तो दोनों देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले क्यों कराए जा रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि सरकार को इस मामले पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सिंधु जल संधि का हवाला देते हुए सवाल किया कि अगर भारत ने पाकिस्तान के साथ इस समझौते को रोकने का फैसला लिया है, तो फिर क्रिकेट को लेकर अलग रुख क्यों अपनाया जा रहा है।
BCCI और क्रिकेट से होने वाली कमाई पर भी सवाल
ओवैसी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ क्रिकेट के जरिए होने वाली कमाई और टीवी राइट्स के मुद्दे को जारी रखा जा रहा है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि आतंकवादी हमले में अपने परिजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। ओवैसी ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अब भी आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
फाइनल में भारत ने श्रीलंका को दी करारी शिकस्त
विवाद की शुरुआत महिला एशिया कप के फाइनल के बाद हुई। फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का कार्यक्रम हुआ, लेकिन इसी दौरान सबकी नजर एक अलग घटनाक्रम पर टिक गई। मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी मौजूद थे और भारतीय टीम ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई। यह मामला अब केवल क्रिकेट से जुड़ा नहीं रह गया है, बल्कि भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर भी बहस का हिस्सा बन गया है।
मोहसिन नकवी कौन हैं और क्यों बढ़ा विवाद?
मोहसिन नकवी की भूमिका इस पूरे मामले को और संवेदनशील बनाती है। वह एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष होने के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। इसके अलावा वह पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। ऐसे में भारतीय टीम के उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार को भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ओवैसी ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार से सवाल किया है कि अगर पाकिस्तान के साथ रिश्तों को लेकर भारत का रुख सख्त है तो क्रिकेट संबंधों को लेकर अलग नीति क्यों अपनाई जा रही है। अब इस पूरे विवाद में सरकार और BCCI की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।








