एयरफोर्स से भेजे जाएंगे NEET के पेपर! प्रियंका बोलीं- अब नेवी सबमरीन भी लगा दीजिए

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त की जा सकती है। केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए नए विकल्पों पर काम कर रही है। इसी बीच खबर सामने आई है कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि सरकार चाहती है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो ताकि किसी भी तरह के पेपर लीक या अनियमितता की आशंका न रहे। रिपोर्ट के मुताबिक प्रश्नपत्रों की छपाई, उनकी सुरक्षा, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार पर कसा तंज

सरकार के इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। Priyanka Chaturvedi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार पर निशाना साधते हुए कई व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं। उन्होंने लिखा कि अब भारतीय वायुसेना परीक्षा के पेपर पहुंचाएगी। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा केंद्रों से उठाने और सर्वर तक पहुंचाने के लिए नेवी की सबमरीन का भी इस्तेमाल कर लेना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि पहले सेना के प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकाले जाएंगे, फिर सेना की बुलेटप्रूफ गाड़ियों से एयरबेस तक पहुंचाए जाएंगे और उसके बाद एयरफोर्स के विमान उन्हें परीक्षा केंद्रों तक ले जाएंगे। उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे सरकार की गंभीर कोशिश बताया, जबकि कुछ ने विपक्ष के सवालों को सही ठहराया। राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ी सरकार की चिंता

पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके भविष्य का फैसला इसी परीक्षा से जुड़ा होता है। ऐसे में सरकार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं दिखाई दे रही। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री Narendra Modi खुद 21 जून को होने वाली परीक्षा की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्हें लगातार पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। बैठक में परीक्षा पेपर तैयार करने से लेकर उन्हें सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक हर चरण की समीक्षा की गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि एयरफोर्स की मदद ली जाती है तो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता और मजबूत हो सकती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार भी जरूरी हैं।

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

एयरफोर्स की मदद लेने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग सरकार के कदम को जरूरी और सकारात्मक बता रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए। वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि परीक्षा पेपर पहुंचाने के लिए सेना और एयरफोर्स की मदद लेने की जरूरत पड़ रही है। विपक्ष लगातार सरकार को पेपर लीक मामलों को लेकर घेर रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जाएगा। फिलहाल एयरफोर्स के इस्तेमाल को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस मुद्दे ने राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को जरूर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

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