AC Blast Case: धनेंद्र कुमार की दिल्ली में एक हादसे में मौत हो गई। गुरुवार रात New Delhi के हौज खास इलाके में उनके घर के AC में अचानक ब्लास्ट हो गया। बताया जा रहा है कि AC की इनडोर यूनिट फटने के बाद घर में तेजी से आग और धुआं फैल गया। उस समय घर में परिवार के कई लोग मौजूद थे। बाकी लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन 80 साल के धनेंद्र कुमार धुएं में फंस गए। दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई। उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है।
छोटे पद से शुरू किया था बड़ा सफर
धनेंद्र कुमार देश के जाने-माने आईएएस अधिकारियों में गिने जाते थे। उनका जन्म साल 1946 में हुआ था और वह 1968 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हरियाणा से की थी। शुरुआत में वह करनाल और जींद जिलों में डिप्टी कमिश्नर यानी DC रहे। इसके बाद उन्हें कई बड़ी जिम्मेदारियां मिलीं। उन्होंने हरियाणा सरकार में कई अहम विभाग संभाले। बाद में केंद्र सरकार में भी उन्होंने काम किया। वह रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय में सचिव जैसे बड़े पदों पर रहे। उनकी पहचान एक ईमानदार और तेज काम करने वाले अधिकारी के रूप में होती थी। सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू कराने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती थी।
वर्ल्ड बैंक और CCI में भी निभाई बड़ी जिम्मेदारी
धनेंद्र कुमार ने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देश का नाम रोशन किया। वह कुछ सालों तक World Bank में भारत समेत कई देशों के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे। इसके बाद उन्हें Competition Commission of India का चेयरमैन बनाया गया। यहां उन्होंने बड़ी कंपनियों की मनमानी रोकने और व्यापार में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए काम किया। उनके समय में प्रतियोगिता कानून को मजबूत किया गया। हरियाणा में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने और उद्योग बढ़ाने में भी उनका बड़ा योगदान माना जाता है। उनके अच्छे काम के लिए उन्हें कई सम्मान भी मिले थे। प्रधानमंत्री की तरफ से उन्हें नेशनल सिटिजन्स अवॉर्ड भी दिया गया था।
रिटायरमेंट के बाद भी करते रहे काम
रिटायर होने के बाद भी धनेंद्र कुमार लगातार सक्रिय रहे। वह कई संस्थाओं को सलाह देते थे और कानून व आर्थिक मामलों पर काम करते थे। वह कॉरपोरेट मामलों से जुड़ी संस्थाओं के साथ भी जुड़े हुए थे। उनके निधन की खबर के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने भी हादसे पर दुख जताया। कुछ लोगों ने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर नाराजगी भी जाहिर की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। धनेंद्र कुमार को एक ऐसे अधिकारी के रूप में याद किया जा रहा है जिन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की और कई बड़े पदों पर रहकर अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
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