बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पंजाब में संत रविदास के नाम पर बीजेपी की ओर से निकाली जा रही कलश यात्रा को लेकर सवाल उठाए हैं। मायावती ने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर संत रविदास के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपने समर्थकों और समाज के लोगों से बीजेपी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी की राजनीति से भी सावधान रहने की अपील की।
तुगलकाबाद की घटना का जिक्र कर सरकार पर निशाना
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में 2019 में दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास के गुरुघर को हटाए जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु विरोध में सड़कों पर उतरे थे और उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। मायावती के मुताबिक, इस घटना से संत रविदास को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना को समाज आज भी नहीं भूला है।
AAP सरकार पर भी लगाए सवाल
मायावती ने पंजाब के धलेता गांव में गुरुघर की दीवार गिराए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जब संगत और बसपा ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो गिरफ्तारियां हुईं। मायावती के मुताबिक, विरोध के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार को गुरुघर के दोबारा निर्माण की दिशा में कदम उठाना पड़ा। इसी आधार पर उन्होंने पंजाब में बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों की नीतियों पर सवाल खड़े किए और लोगों से सतर्क रहने को कहा।
समानता और न्याय के संदेश पर दिया जोर
बसपा प्रमुख ने लोगों से संत रविदास के विचारों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समानता, सम्मान और न्याय का संदेश दिया था, जिसे समाज तक पहुंचाने की जरूरत है। मायावती ने ‘पराधीनता का अंत एवं बेगमपुरा का संकल्प’ नाम से निकाली जा रही सम्मान यात्रा का भी जिक्र किया और संगत से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचारों के अनुसार ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए, जहां लोगों को समान अधिकार और सम्मान मिले।
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