लखनऊ में डिप्टी सीएम आवास के बाहर बारिश में क्यों डटे रहे युवा? एक फोन कॉल से बदल गया पूरा माहौल!

 Lucknow UPSSSC Protest: लखनऊ की सड़कों पर उस वक्त हलचल मच गई जब सैकड़ों UPSSSC अभ्यर्थी अचानक उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव करने पहुंच गए। तेज बारिश के बावजूद युवा अपनी मांगों पर अड़े रहे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते दिखे। सुरक्षा बल की मुस्तैदी और तनावपूर्ण माहौल के बीच हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि आगे क्या होगा। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही देर में प्रदर्शनकारी छात्रों ने अचानक अपना आंदोलन समाप्त करने का बड़ा ऐलान कर दिया?

आवास से बाहर निकले डिप्टी सीएम, सुनी युवाओं की पीड़ा

प्रदर्शन की खबर मिलते ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद अपने आवास से बाहर आए और बारिश में खड़े अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। छात्रों ने उन्हें बताया कि भर्ती परीक्षाओं में वेटिंग लिस्ट न होने और पदों की ओवरलैपिंग के कारण योग्य युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई अभ्यर्थी एक साथ कई पदों पर चयनित हो जाते हैं, जिससे सीटें खाली रह जाती हैं। डिप्टी सीएम ने छात्रों की बात को बेहद गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

फोन पर मिला आदेश, आयोग के चेयरमैन को निर्देश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ब्रजेश पाठक ने बिना देर किए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के चेयरमैन से फोन पर सीधी बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों की सभी जायज चिंताओं को तत्काल सुनकर उनका समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों में रुकी हुई रिक्तियों के नए विज्ञापनों को जल्द से जल्द जारी करने के भी सख्त आदेश दिए। डिप्टी सीएम के इस कड़े रुख और तुरंत एक्शन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपनी लड़ाई का सकारात्मक परिणाम नजर आने लगा।

सरकार का भरोसा और युवाओं का प्रदर्शन खत्म करने का फैसला

आश्वासन मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम ने दोहराया कि राज्य सरकार हर हाल में युवाओं के हितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि आयोग और सरकार मिलकर जल्द ही ऐसा रास्ता निकालेंगे जिससे ओवरलैपिंग की समस्या खत्म हो और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके। इस ठोस आश्वासन और सीधे हस्तक्षेप के बाद अभ्यर्थी संतुष्ट नजर आए और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी। लखनऊ की यह घटना अब अन्य सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।

Read More-लालू यादव को देखते ही पवन सिंह ने छुए पैर, बोले- ‘चाचा! बहुत दिन बाद…’

 

Hot this week

लालू यादव को देखते ही पवन सिंह ने छुए पैर, बोले- ‘चाचा! बहुत दिन बाद…’

Bhojpuri Bawal: पटना में आयोजित 'भोजपुरी बवाल' के ग्रैंड...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img