Kanpur News: कानपुर के बिल्हौर इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। यहां कुछ लोग साधारण सफेद आलू को लाल रंग में रंगकर लाल आलू के रूप में बेचने की तैयारी कर रहे थे। लाल आलू की मांग नेपाल और पूर्वांचल के कई इलाकों में ज्यादा रहती है, इसलिए अधिक मुनाफा कमाने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की।
छापेमारी में खुली बड़ी पोल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर बिल्हौर के दो कोल्ड स्टोरेज में छापा मारा। जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि सफेद आलू को लाल रंग में डुबोकर उसका रंग बदला जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आलू को रंगने के लिए खाने वाला रंग नहीं, बल्कि फर्श रंगने में इस्तेमाल होने वाला लाल सीमेंट कलर प्रयोग किया जा रहा था। यह रंग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है।
5 हजार किलो से ज्यादा आलू पकड़ा गया
कार्रवाई के दौरान विभाग ने 5,000 किलो से ज्यादा रंगा हुआ आलू जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार इसकी कीमत करीब 1.30 लाख रुपये है। अगर यह आलू बाजार तक पहुंच जाता, तो बड़ी संख्या में लोग इसे असली लाल आलू समझकर खरीद लेते। विभाग का मानना है कि समय रहते कार्रवाई होने से लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सका।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग ने मौके से आलू और इस्तेमाल किए जा रहे रंग के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।








