Basti News: बस्ती जिले में करीब 12 साल पुराने मामले में अदालत ने पति, पत्नी और उनकी बेटी को जेल की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने तीनों को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। अदालत ने हर दोषी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही तीनों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें डेढ़ साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
पुरानी रंजिश में हुआ था विवाद
यह मामला बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र के पूरे सोरिल गांव का है। शिकायत के अनुसार, 8 मई 2014 की सुबह करीब नौ बजे राम बरन अपने घर पर थे। तभी उनके पट्टीदार भीखू उर्फ भोलानाथ, उसकी पत्नी नीलम और बेटी सुमन वहां पहुंचे। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर तीनों ने राम बरन से गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट की। उन्होंने हाथ-पैर से भी हमला किया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कराया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए।
इलाज के दौरान हुई थी राम बरन की मौत
मारपीट में घायल राम बरन का इलाज चल रहा था। उन्हें मेडिकल कॉलेज, लखनऊ ले जाया गया, जहां 13 मई 2014 को रात करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर एनसीआर दर्ज की थी। अदालत में सरकारी वकील प्रदीप कुमार ओझा ने मामले से जुड़ी जानकारी और साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों की बात सुनने और सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने भीखू, नीलम और सुमन को दोषी ठहराया। इसके बाद तीनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई।







