उत्तर प्रदेश के गोंडा शहर में रहने वाले लोगों के लिए रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यहां पांच मोहल्लों के करीब 2500 घरों तक पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस यानी PNG पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए टोरेंट गैस कंपनी की ओर से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है। योजना के तहत सुभाषनगर, नूरनगर, यूसुफनगर, इमिलिया गुरुदयाल और गायत्रीपुरम में पाइपलाइन पहुंचाई जाएगी। इसका उद्देश्य घरों तक गैस की सुविधा उपलब्ध कराना और LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, इन घरों में कनेक्शन कब तक चालू होंगे, यह काम पूरा होने और संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
PNG कनेक्शन से क्या होगा फायदा?
PNG कनेक्शन मिलने के बाद लोगों को बार-बार LPG सिलेंडर बुक कराने और उसकी डिलीवरी का इंतजार करने से राहत मिल सकती है। इसमें गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए रसोई तक पहुंचती है। उपभोक्ताओं को इस्तेमाल की गई गैस के हिसाब से बिल देना होता है। इससे सिलेंडर उठाने और गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मंगाने की परेशानी भी कम हो सकती है। यही वजह है कि कई शहरों में पाइप से गैस पहुंचाने की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। गोंडा में भी इस योजना से जुड़े घरों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कनेक्शन लेने से पहले उपभोक्ताओं को कंपनी की शर्तों, खर्च और उपलब्धता की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
क्या PNG लगते ही LPG सिलेंडर लौटाना पड़ेगा?
इस योजना से जुड़ा एक अहम सवाल यह है कि PNG कनेक्शन लेने के बाद LPG सिलेंडर का क्या होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं का PNG कनेक्शन चालू हो जाता है, उन्हें लागू नियमों और तय समयसीमा के अनुसार अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है। इसलिए कनेक्शन लेने से पहले अपनी गैस एजेंसी और PNG कंपनी से नियमों की पुष्टि करना जरूरी है। ध्यान रहे, गोंडा के इन पांच मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने की योजना का मतलब यह नहीं है कि सभी घरों के LPG कनेक्शन तुरंत काट दिए जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने, कनेक्शन चालू होने और लागू नियमों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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