उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खबर आ रही है। जिले के एक छोटे से गांव की किस्मत अब पूरी तरह बदलने वाली है। यहाँ सरकार एक ऐसा बड़ा सरकारी अस्पताल और कॉलेज बनाने जा रही है, जिससे आस-पास के इलाके के लोगों को इलाज के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के आने से न सिर्फ बीमार लोगों को नया जीवन मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को पढ़ाई और नौकरी के नए मौके भी मिलेंगे। इस खबर के सामने आते ही हर्रैया इलाके के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
डीएम मैडम ने दी हरी झंडी, कॉलेज के नाम हुई इतनी बड़ी जमीन
इस बड़े सपने को सच करने के लिए बस्ती की डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर जोगापुर गांव में 5.462 हेक्टेयर सरकारी जमीन को आयुष विभाग के नाम ट्रांसफर कर दिया है। जमीन मिलने का कागजी काम पूरा होते ही अब कॉलेज और अस्पताल बनने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। प्रशासन की इस तेज कार्रवाई से इस बात की उम्मीद जग गई है कि जल्द ही यहाँ पर बड़ी-बड़ी मशीनें और मजदूर काम करते हुए नजर आएंगे।
एक ही जगह पर होगा तीन तरीकों से इलाज
इस नए सेंटर की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ मरीजों का इलाज तीन अलग-अलग तरीकों से होगा— आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति। यहाँ 100 बेड का एक बड़ा अस्पताल बनेगा, जहाँ मरीजों को भर्ती करके उनका मुफ्त या बहुत कम खर्चे में इलाज किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ एक मेडिकल कॉलेज भी खुलेगा जिसमें हर साल 100 छात्र-छात्राओं को डॉक्टर बनने की पढ़ाई कराई जाएगी। यानी अब बस्ती के बच्चों को डॉक्टर बनने के लिए लखनऊ या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाकर लाखों रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
जल्द शुरू होगा दीवार उठाने का काम
इस अस्पताल को बनाने की तैयारी पिछले साल यानी नवंबर 2025 से ही चल रही थी, जब बड़े अधिकारियों ने जमीन खोजने की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद जिले के अधिकारियों ने तेजी दिखाई और राजस्व विभाग की टीम ने जोगापुर गांव में यह शानदार जमीन खोज निकाली। अब जब जमीन आयुष विभाग के हाथ में आ गई है, तो अधिकारी इस बात का हिसाब-किताब (बजट) लगाने में जुट गए हैं कि इसे बनाने में कितना पैसा खर्च होगा। बजट पास होते ही यहाँ पर निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
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