पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र के सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने संकेत दिया है कि कानूनी अड़चनें खत्म होने के बाद उनके लिए बीजेपी में शामिल होने का रास्ता खुल सकता है। उनके इस बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या TMC से अलग हुए सांसदों का अगला ठिकाना बीजेपी बनने जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 20 सांसद TMC छोड़कर एनसीपीआई के साथ गए थे और एनडीए को समर्थन देने की बात सामने आई थी। बसुनिया के मुताबिक इनमें से 17 सांसद सीधे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
बसुनिया ने सोमवार को सीताई स्थित अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से केंद्र की योजनाओं के नाम बदले जाने के कारण केंद्र से मिलने वाला आर्थिक आवंटन प्रभावित हुआ। उनका यह भी आरोप था कि सरकार से जुड़ी बैठकों में ममता बनर्जी खुद ही फैसले लेती थीं और दूसरे लोगों को अपनी राय रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिलता था। इस बीच सांसद के घर लौटने के बाद उनके इलाके में विरोध प्रदर्शन की खबर भी सामने आई। उनके पुराने TMC कार्यालय में आग लगाए जाने की घटना ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।
अबू ताहिर खान ने BJP में जाने की बात नकारी
हालांकि बसुनिया के दावे के बाद बागी सांसदों के बीच मतभेद के संकेत भी सामने आए हैं। सांसद अबू ताहिर खान ने बीजेपी में शामिल होने की बात को साफ तौर पर खारिज किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बसुनिया ने अपनी व्यक्तिगत राय रखी है और इसे सभी बागी सांसदों का फैसला नहीं माना जा सकता। अबू ताहिर खान के मुताबिक वे अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने पर ध्यान दे रहे हैं और उनके साथ बीजेपी या एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बाकी सांसदों से इस बारे में अलग-अलग बात की जानी चाहिए।
TMC ने स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट में उठाया मामला
बागी सांसदों को लेकर TMC पहले ही कानूनी मोर्चे पर सक्रिय है। पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर 20 बागी सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंच चुका है। TMC की ओर से एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है। ऐसे में अब बसुनिया के बीजेपी में जाने के संकेत ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है। फिलहाल 17 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को लेकर कोई सामूहिक आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में उनकी भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।







