उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर क्यों मचा बवाल? अखिलेश के आरोप पर NHAI ने दिया जवाब

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया जाना है। ऐसे में उद्घाटन से पहले उठे इस विवाद ने परियोजना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

अखिलेश यादव ने लगाए भ्रष्टाचार और गुणवत्ता पर सवाल

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे का निर्माण लोगों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा देने के लिए किया जाता है, लेकिन यदि उद्घाटन से पहले ही सड़क में समस्या दिखाई देने लगे तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता जानना चाहती है कि विकास परियोजनाएं लोगों की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं या फिर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए। सपा प्रमुख ने अन्य राज्यों की परियोजनाओं का भी जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी तो तेज गति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का कोई फायदा नहीं रह जाएगा।

बीजेपी और NHAI ने आरोपों को बताया निराधार

अखिलेश यादव के आरोपों के बाद बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगाकर विकास कार्यों को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। वहीं NHAI के अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे का कोई हिस्सा नहीं धंसा है। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे मुख्य सड़क की नहीं बल्कि किनारे की मिट्टी से जुड़ी हैं। उनका कहना है कि यह एक सामान्य तकनीकी और रखरखाव से जुड़ा मामला था, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया। NHAI ने दावा किया कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और इसे सभी तकनीकी मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।

जनता के लिए जल्द खुलेगा एक्सप्रेसवे, नजरें प्रदर्शन पर

विवाद के बीच अब सभी की नजर एक्सप्रेसवे के संचालन पर है। अधिकारियों का कहना है कि उद्घाटन के बाद सड़क आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी और तब इसकी वास्तविक स्थिति सबके सामने होगी। लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा समय कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जा रहा है। उम्मीद है कि इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी फायदा मिलेगा। हालांकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण यह परियोजना फिलहाल चर्चा में बनी हुई है। अब जनता यह देखना चाहती है कि एक्सप्रेसवे अपने दावों पर कितना खरा उतरता है और यात्रियों को कितना बेहतर अनुभव देता है।

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