Delhi Yamuna Pollution: दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कालिंदी कुंज में नदी की सतह पर एक बार फिर सफेद झाग दिखाई देने से प्रदूषण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। यह नजारा ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली सरकार यमुना को साफ करने के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम करने की बात कह रही है। वहीं, छठ पूजा से पहले नदी की स्थिति श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा सकती है। सवाल यह है कि सफाई की कोशिशों के बावजूद यमुना में झाग क्यों दिखाई दे रहा है?
कालिंदी कुंज में यमुना पर दिखा सफेद झाग
दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में शुक्रवार को यमुना नदी के पानी पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी। नदी की सतह पर फैले इस झाग ने एक बार फिर पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यमुना में प्रदूषण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नदी में गंदे नालों का पानी और सीवेज पहुंचना इसकी प्रमुख वजहों में शामिल है। ऐसे में झाग का दिखाई देना नदी की सफाई के प्रयासों के सामने मौजूद चुनौतियों की ओर ध्यान खींचता है।
आखिर यमुना में क्यों बनता है जहरीला झाग?
यमुना में सफेद झाग बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट से आने वाले डिटर्जेंट तथा दूसरे रासायनिक पदार्थ पानी में झाग पैदा कर सकते हैं। नदी में मौजूद कार्बनिक प्रदूषण और पानी के तेज बहाव से भी झाग बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, केवल झाग देखकर पानी में अमोनिया की मात्रा या प्रदूषण का सटीक स्तर तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए पानी के नमूनों की जांच जरूरी है। नदी की मौजूदा स्थिति ने एक बार फिर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर ध्यान देने की जरूरत बढ़ा दी है।
9000 करोड़ की परियोजना पर क्या बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में यमुना की सफाई से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजना को दिल्ली के लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार यमुना को साफ करने और उसकी स्थिति सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में नदी की सफाई का काम बेहतर परिणाम देगा। हालांकि, कालिंदी कुंज में झाग दिखाई देने की घटना से साफ है कि नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास और प्रभावी निगरानी की जरूरत है।
छठ पूजा से पहले श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता
यमुना में सफेद झाग दिखाई देने की घटना छठ पूजा से पहले सामने आई है। इस पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी और जलाशयों के किनारे पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में पानी की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि नदी के पानी की जांच कराई जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। यमुना की सफाई के दावों का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी रोक लगेगी।
Read More-UN में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, कहा- ‘अपने सैनिकों की लाश छोड़ने वाले हमें ज्ञान दे रहे…’







