Dausa Minor Rape Case: राजस्थान के दौसा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। जिले में एक 16 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि तीन दरिंदों ने रात के वक्त लड़की को कार में अगवा किया और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास ले जाकर उसके साथ हैवानियत की। हैरानी और झकझोर देने वाली बात यह है कि इस गंभीर गैंगरेप के दौरान ही नाबालिग का प्रसव भी हो गया। फिलहाल, पीड़िता का इलाज दौसा जिला अस्पताल में चल रहा है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
फरवरी और मई से जुड़ा हैवानियत का काला सच
पुलिस की शुरुआती जांच और सामने आई जानकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक रात का नहीं है, बल्कि इससे पहले भी नाबालिग के साथ गलत काम होने की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता पहले से गर्भवती थी और उस पर अजय कुमार मीणा द्वारा फरवरी तथा मई के महीनों में शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं संबंधों के कारण नाबालिग के गर्भवती होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन सभी गंभीर आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की गहन जांच और पीड़िता के औपचारिक बयानों के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगी, जिस पर स्थानीय पुलिस की विशेष टीमें काम कर रही हैं।
जबरन कार में बैठाकर अपने साथ ले गए आरोपी
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया कि तीन आरोपी उसे जबरन कार में बैठाकर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद वे उसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास सुनसान इलाके में ले गए, जहां तीनों ने उसके साथ बारी-बारी से घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसी दरिंदगी और शारीरिक प्रताड़ना के बीच नाबालिग को प्रसव पीड़ा हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया।वानरूपी आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य के बाद भी इंसानियत नहीं दिखाई और उसे मरणासन्न हालत में दौसा के कलेक्ट्रेट चौराहे के पास छोड़कर फरार हो गए। चौराहे पर पहुंचकर पीड़िता ने वहां मौजूद एक भले शख्स से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
नवजात बच्ची मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने नवजात बच्ची की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। इस वीभत्स घटना की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एएसपी शंकरलाल मीणा, बांदीकुई डीएसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल और कोतवाली थाना प्रभारी भगवान सहाय शर्मा तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया और उसके बयान दर्ज किए। चूंकि मामला नाबालिग और एक नवजात की मौत से जुड़ा है, इसलिए पुलिस पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखते हुए अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और अन्य धाराओं के तहत आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
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