Vande Bharat Express को लेकर महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने सिर्फ चर्चा में आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए तेज रफ्तार ट्रेन पर पत्थर फेंक दिए। इतना ही नहीं, उसने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया, जैसे वह कोई साहसिक काम कर रहा हो। यह घटना उस समय सामने आई जब ट्रेन मुंबई के रास्ते पर गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि युवक ने रेलवे ट्रैक के पास खड़े होकर अलग-अलग डिब्बों की तरफ पत्थर फेंके। इस घटना के बाद ट्रेन के कुछ कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और यात्रियों में डर का माहौल बन गया। रेलवे अधिकारियों को जब इस घटना की जानकारी मिली तो तुरंत जांच शुरू की गई और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई।
ट्रेन के कई डिब्बों को हुआ नुकसान
जानकारी के अनुसार यह घटना 13 मार्च को हुई, जब Mumbai से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ठाकुर्ली और Kalyan रेलवे स्टेशनों के बीच से गुजर रही थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पत्थर लगने से कोच C-1, C-3, C-4 और C-7 की खिड़कियों के शीशे टूट गए। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में घबराहट फैल गई। हालांकि किसी यात्री के घायल होने की खबर सामने नहीं आई। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लिया और रेलवे सुरक्षा बल की टीम को जांच के लिए लगाया गया। इसके बाद आसपास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
जांच के दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 23 वर्षीय सनी कांबले के रूप में हुई, जो पुणे का रहने वाला बताया गया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने नशे की हालत में यह हरकत की थी। उसके अनुसार वह रेलवे ट्रैक के पास गया और यात्रियों को डराने तथा वीडियो बनाने के उद्देश्य से ट्रेन पर पत्थर फेंकने लगा। उसने यह भी बताया कि वह इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था ताकि बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक ने यह सब गांजा के नशे में किया और उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसकी हरकत से यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है। आरोपी की यह स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद अधिकारियों ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
मामला दर्ज, आरोपी को भेजा गया जेल
इस घटना के बाद Railway Protection Force (RPF) ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की। आरोपी पर रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में उसे अधरवाड़ी जेल भेज दिया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं बेहद गंभीर होती हैं, क्योंकि इससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऐसी खतरनाक हरकतें न करें और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचें। फिलहाल इस मामले की आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।
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