नेपाल एयरलाइंस की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत-नेपाल रिश्तों के बीच अचानक विवाद खड़ा कर दिया। दरअसल, एयरलाइन ने अपने ‘नेटवर्क मैप’ को दिखाते हुए एक तस्वीर साझा की, जिसमें भारत के संवेदनशील क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दर्शाया गया था। यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों की नजर इस गंभीर गलती पर गई। भारतीय यूजर्स ने इसे केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि संवेदनशील मुद्दे से जुड़ी बड़ी लापरवाही माना। देखते ही देखते यह मामला इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने एयरलाइन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विरोध
जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया पर विरोध की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और #BoycottNepalAirlines जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। लोगों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की गलती अस्वीकार्य है। कई यूजर्स ने भारत सरकार से भी इस मामले को गंभीरता से लेने और कूटनीतिक स्तर पर विरोध दर्ज कराने की मांग की। यह विवाद सिर्फ एक पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत-नेपाल के बीच संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा को भी हवा देने लगा।
We sincerely apologize for error in the network map recently shared on our social media channels. The map contained significant cartographic inaccuracies regarding international boundaries that do not reflect the official stance of Nepal or Nepal Airlines. pic.twitter.com/E5MZSS8CjQ
— Nepal Airlines🇳🇵 (@NepalAirlinesRA) April 30, 2026
सेलिब्रिटी ने भी उठाए सवाल
इस पूरे मामले में भोजपुरी अभिनेता Khesari Lal Yadav ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की गलती सामान्य नहीं लगती और इसकी मंशा पर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने एयरलाइन से जवाब मांगते हुए कहा कि सिर्फ पोस्ट हटाना काफी नहीं है, बल्कि यह भी बताना चाहिए कि ऐसी गलती क्यों हुई। उनके बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया और आम लोगों के साथ-साथ सार्वजनिक हस्तियों ने भी इस पर अपनी राय रखनी शुरू कर दी।
माफी के बाद भी उठ रहे सवाल
विवाद बढ़ता देख नेपाल एयरलाइंस ने 24 घंटे के भीतर विवादित पोस्ट हटा दी और आधिकारिक माफी जारी की। एयरलाइन ने इसे नक्शा तैयार करने में हुई तकनीकी गलती बताया और कहा कि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा नहीं होगी। साथ ही, इस मामले की आंतरिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं। हालांकि, माफी के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतनी संवेदनशील गलती कैसे हो गई। इस घटना ने यह भी दिखाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की जाने वाली सामग्री में छोटी सी चूक भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है, खासकर जब बात अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ी हो।








