बिहार के शिक्षा हब पटना से शुरू हुआ कोचिंग विवाद अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर चुका है। पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत की खबर आ रही है। प्रिंस पिछले कुछ समय से पुलिस की नजरों से बचकर नेपाल में छिपा हुआ था। वह पटना के मशहूर शिक्षक फैसल खान उर्फ ‘खान सर’ के कोचिंग संस्थान (खान ग्लोबल स्टडीज) पर हुए हमले और फायरिंग मामले में मुख्य नामजद आरोपियों में से एक था। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन इस बीच आई उसकी मौत की खबर ने बिहार पुलिस से लेकर कोचिंग जगत तक सबको चौंका दिया है। हालांकि, इस मौत की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे मामला और भी रहस्यमयी हो गया है।
खान सर की कोचिंग पर हमला और बेऊर जेल का कनेक्शन
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र से जुड़ी हैं, जहां खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान पर कुछ समय पहले अचानक पथराव और तोड़फोड़ की गई थी। खान सर के संस्थान का मैनेजमेंट देखने वाले कन्हैया ने इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। आरोप था कि आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने तुरंत कदम उठाया था और ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। रौशन आनंद वर्तमान में पटना की बेऊर जेल में बंद हैं, जबकि उनका भाई प्रिंस घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।
जब खुद ‘खान सर’ को करना पड़ा था कोर्ट में सरेंडर
यह मामला सिर्फ दो कोचिंग संचालकों की आपसी रंजिश तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें खुद देश के जाने-माने शिक्षक ‘खान सर’ भी कानूनी चक्रव्यूह में फंस गए थे। कोचिंग में हुई तोड़फोड़ और कथित फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इसके आधार पर पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज के दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया, जिन पर गोली चलाने का आरोप था। इन गार्डों के बयानों के आधार पर पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर को भी इस मामले में आरोपी बना दिया था। इसके बाद खान सर को कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना पड़ा था, जहां से कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए रिहा कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में खान सर ने खुद गोली चलने की बात कबूली थी, लेकिन बाद में वह अपने इस बयान से पलट गए थे।
छात्रों का आक्रोश और आगे की जांच पर टिकी निगाहें
ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद पटना की सड़कों पर छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला था। रौशन आनंद के समर्थन में हजारों छात्रों ने पटना में कैंडल मार्च निकालकर उनकी रिहाई की मांग की थी और इस कार्रवाई का विरोध किया था। अब जब मुख्य आरोपी प्रिंस की नेपाल के होटल में संदिग्ध मौत की खबर आई है, तो इस मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह सामान्य मौत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? क्या कोचिंग इंडस्ट्री की आपसी प्रतिद्वंद्विता इस हद तक बढ़ चुकी है? फिलहाल पटना पुलिस और नेपाल प्रशासन इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बड़े सस्पेंस से पर्दा उठ पाएगा।








