सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुनाया बड़ा फैसला, जानें क्या दिया आदेश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नई विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि मौजूदा जांच को और मजबूत बनाने के लिए नए सिरे से SIT का गठन किया जाए। कोर्ट का मानना है कि इस मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि जांच टीम की कमान किसी वरिष्ठ और अनुभवी IPS अधिकारी को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से कहा कि वह ऐसे अधिकारी का नाम तय कर अगली सुनवाई में अदालत के सामने पेश करे। इस आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

कोर्ट बोला- जांच को राजनीति से दूर रखें

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि यह किसी राजनीति का नहीं, बल्कि एक आपराधिक मामले की जांच का विषय है। इसलिए जांच पूरी ईमानदारी और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि उसका उद्देश्य सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़े और अपने अंतिम नतीजे तक पहुंचे। अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे उत्तर प्रदेश सरकार से बात कर नई SIT के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी का नाम लेकर आएं। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें सरकार से नई जांच टीम को लेकर जानकारी मांगी जाएगी।

सरकार ने बताया- अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने मामले की स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) कोर्ट में दाखिल कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जांच चल रही है, इसलिए फिलहाल ज्यादा जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि क्या इसी SIT के पास चढ़ावा चोरी की जांच है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

तीन जजों की पीठ ने की सुनवाई, अगली तारीख पर रहेगी सबकी नजर

इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की तीन सदस्यीय पीठ ने की। अदालत ने कहा कि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहना चाहिए और इसके लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार को नई SIT का गठन करना होगा और उसकी अगुवाई के लिए एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का नाम अदालत के सामने रखना होगा। अब सभी की नजर 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां यह साफ हो सकता है कि नई जांच टीम कैसे काम करेगी और जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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