उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-2 पर हुई इस दुर्घटना में तीन मासूम बच्चों समेत आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, सभी लोग एक पिकअप वाहन में सवार थे और धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी अचानक यह दुखद घटना हो गई।
प्रयागराज से वापस आते समय बिगड़ा संतुलन
मिली जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर जिले के करौली गांव के करीब 18 लोग एक पिकअप में सवार होकर प्रयागराज गए थे, जहां एक बच्चे का मुंडन संस्कार किया गया था। कार्यक्रम पूरा होने के बाद सभी लोग उसी वाहन से वापस लौट रहे थे। जब वाहन अतसराय के पास नेशनल हाईवे-2 पर पहुंचा, तभी अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने संभाली स्थिति
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को गाड़ी से बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता दी। कुछ ही समय में सैनी थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज रेफर किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं।
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी वजह?
इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही करौली गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की मुख्य वजह लग रही है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घायलों का बेहतर इलाज कराया जाएगा और हादसे के कारणों का जल्द खुलासा किया जाएगा।








