CJP Protest News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने इस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली आ रहे छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को रोकने की खबरों से उन्हें निराशा हुई है। वांगचुक के मुताबिक, उन्होंने पहले प्रदर्शनकारियों से शांति और एकता बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हालात इस तरह सामने आएंगे।
अनशन या पदयात्रा शुरू करने की चेतावनी
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने अपने बयान में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा हालात को ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसा बताया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की सख्ती जारी रही, तो वह नए सिरे से अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने CJP के प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही, हालांकि स्पष्ट किया कि वह इस बार दिल्ली में आंदोलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों के मामले में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और प्रदर्शनकारियों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अवसर मिलना चाहिए।
लद्दाख लौटकर पर्यावरण पर ध्यान
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने बताया कि लद्दाख लौटने के बाद उनका ध्यान पर्यावरण से जुड़े जरूरी कामों पर है। इनमें कृत्रिम ग्लेशियर तैयार करना और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनदी झीलों के अचानक फटने से आने वाली बाढ़ के खतरे से निपटना शामिल है। अपने संदेश में उन्होंने मशहूर कवि फैज अहमद फैज की पंक्ति ‘और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा’ का भी जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं और Gen Z प्रदर्शनकारियों से किसी भी परिस्थिति में हिंसा से दूर रहने की अपील की। अब इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर आने वाली जानकारी पर नजर रहेगी।







