दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए CJP प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे। थरूर के अनुसार, शहर भर में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं, जहाँ हर कुछ सौ मीटर पर पुलिस चौकियां, कंक्रीट के बैरिकेड्स और स्पाइक स्ट्रिप्स लगाई गई हैं। उन्होंने इसे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन करार दिया है।
यातायात ठप और इंटरनेट पर पाबंदी
शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने अपने बयान में दिल्ली की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर पूरे शहर में 22,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लगभग 250 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 45 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, राजधानी के केंद्र में इंटरनेट सेवाओं को बंद करना और आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाना बेहद दमनकारी कदम है।
हिरासत में युवा और जंतर-मंतर पर पाबंदी
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों से युवाओं को उनके घरों व सड़कों से लगातार हिरासत में लिया जा रहा है। जंतर-मंतर जैसी जगह, जो खासतौर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और असहमति व्यक्त करने के लिए तय की गई है, वहाँ जाने वाले रास्तों को भी सील कर दिया गया है। शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने तंज कसते हुए कहा कि जब राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा की जरूरत होती है, तब यह भारी भरकम पुलिस बल और तत्परता कहाँ गायब हो जाती है?
सरकार पर उठे सवाल और लोकतंत्र की साख
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सरकारें लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावों की निष्पक्षता में विश्वास रखती हैं, वे जनता के सवालों से डरती नहीं हैं, बल्कि उनका स्वागत करती हैं। इसके विपरीत, राजधानी को किले में तब्दील करने वाली सरकारें केवल जनता के संदेह को और गहरा करती हैं। लोकतंत्र की असली ताकत इसी से मापी जाती है कि वह सवाल पूछने वालों के साथ कैसा व्यवहार करता है।








