CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। दीपके और पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका आंदोलन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली रवाना हो गए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब इस प्रदर्शन को लेकर सबकी नजरें इस बात पर हैं कि कड़ी सुरक्षा के बीच CJP की आगे की रणनीति क्या होगी।
अभिजीत दीपके ने PM मोदी को घेरा
दिल्ली रवाना होने से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार को युवाओं के विरोध से डर नहीं है, तो फिर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतनी सख्ती क्यों की जा रही है? दीपके ने मेट्रो, रेल सेवाओं और इंटरनेट पर कथित पाबंदियों का जिक्र करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। दीपके ने अपने बयान में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उनके इस बयान के बाद CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, लोकतंत्र बचाने का दावा
CJP का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित है। पार्टी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि वे इसके लिए किसी भी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है, हालांकि इस अधिकार पर कानून के तहत उचित प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। दीपके ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। अब देखना होगा कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या स्थिति बनती है।
जंतर-मंतर पर बॉडी कैमरों के साथ तैनात पुलिसकर्मी
CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पर बॉडी कैमरे लगाए हुए हैं। इन कैमरों के जरिए मौके पर होने वाली गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी के अनुसार, इनका उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी विवाद या हाथापाई की स्थिति में रिकॉर्डिंग से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। कैमरों की मौजूदगी से पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। प्रशासन का ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है, जबकि CJP नेताओं ने आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। ऐसे में जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख सड़कों पर यातायात डायवर्जन लागू करने की जानकारी दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 6 बजे से जरूरत के अनुसार प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था बदली जा सकती है। पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल या एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है। इससे यात्रियों को संभावित जाम और रास्तों में बदलाव के कारण होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, अभिजीत दीपके के बयान और CJP के प्रदर्शन की तैयारी ने इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्टी जंतर-मंतर पर अपना विरोध दर्ज करा पाएगी या पुलिस की सख्ती उसके कार्यक्रम को प्रभावित करेगी।
Read More-अमिताभ बच्चन ने अचानक क्यों शेयर किए नाना पाटेकर के 5 वीडियो? चर्चा में आईं पुरानी यादें








