सड़क किनारे मिली लाश का खुला चौंकाने वाला राज! 24 घंटे में पुलिस ने उठाया पर्दा, पत्नी और 13 वर्षीय बेटे का नाम आया सामने

राजस्थान के दौसा जिले में सड़क किनारे मिले एक व्यक्ति के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली। शुरुआती जांच में यह मामला एक ब्लाइंड मर्डर लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल से मिले सुरागों को जोड़ा, मामला पूरी तरह बदल गया। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और 13 वर्षीय बेटे ने मिलकर की थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटे को किशोर न्याय कानून के तहत निरुद्ध किया गया है। इस खुलासे के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

सड़क किनारे मिला शव, मौके से मिले पत्थर और अन्य सबूत

पुलिस के अनुसार, 27 जून की शाम चावण्ड रोड पर एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने मृतक की पहचान 40 वर्षीय रमेश बैरवा के रूप में की। घटनास्थल पर खून से सना पत्थर और टूटी हुई कांच की बोतलें भी मिलीं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया। अगले दिन मृतक के पिता की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

घरेलू विवाद बना हत्या की वजह, पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसका पति अक्सर उसके चरित्र पर संदेह करता था, जिससे घर में आए दिन झगड़े होते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी तनाव के चलते महिला ने अपने बेटे के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि घटना वाले दिन रमेश शराब के नशे में था। इसी दौरान उसके सिर पर पत्थर से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को सड़क किनारे छोड़ दिया गया, ताकि घटना को किसी अन्य दिशा में मोड़ा जा सके। हालांकि पुलिस की जांच में पूरा मामला सामने आ गया।

फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हत्याकांड की जांच में फॉरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल से मिले सबूत और तकनीकी विश्लेषण की अहम भूमिका रही। इन्हीं आधारों पर संदिग्धों तक पहुंचना संभव हो सका। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने लगातार पूछताछ और साक्ष्यों का मिलान किया, जिसके बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं नाबालिग बेटे को कानून के अनुसार किशोर न्याय प्रणाली के तहत निरुद्ध किया गया है। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह मामला एक बार फिर घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों और समय रहते समाधान की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करता है।

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