हैदराबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवजात बच्ची की कथित खरीद-फरोख्त की कोशिश को समय रहते विफल कर दिया। पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए एक महिला को गिरफ्तार किया, जिस पर पांच लाख रुपये में बच्ची बेचने का आरोप है। यह कार्रवाई पहाड़ी शरीफ इलाके में उस समय की गई, जब कथित तौर पर सौदा पूरा होने वाला था। पुलिस को पहले से इस मामले की गुप्त सूचना मिल चुकी थी, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मासूम पूरी तरह सुरक्षित है और मामले की हर कड़ी की गहन जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर नवजात बच्चों की तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर अपराधों पर चिंता बढ़ा दी है।
6 लाख से शुरू हुई डील, 5 लाख पर हुआ कथित सौदा
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला की पहचान वहीदा खातून के रूप में हुई है, जो हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा इलाके की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, उसने बरकास क्षेत्र में रहने वाली एक महिला से संपर्क कर नवजात बच्ची को बेचने का प्रस्ताव रखा था। शुरुआत में बच्ची की कीमत छह लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन बातचीत के बाद इसे घटाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया। पहले यह सौदा शाहीन नगर इलाके में होना था, लेकिन बाद में स्थान बदलकर पहाड़ी शरीफ कर दिया गया। इसी दौरान पुलिस ने पूरी योजना के तहत स्टिंग ऑपरेशन चलाया और महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने भी पुलिस की मदद की, जिसकी सूचना के आधार पर पूरे ऑपरेशन को सफल बनाया गया।
अस्पताल से छुट्टी मिलते ही बच्ची को बेचने की कोशिश!
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि नवजात बच्ची की असली मां ने कुछ दिन पहले ही उसे जन्म दिया था। जिस दिन बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिली, उसी दिन उसे कथित तौर पर बेचने की कोशिश की गई। हालांकि अब तक की जांच में बच्ची की मां को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसे पूरे मामले की कितनी जानकारी थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसके भविष्य को लेकर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
बड़े तस्करी नेटवर्क की आशंका, कई और लोगों पर नजर
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह केवल एक अलग घटना थी या इसके पीछे बच्चों की तस्करी करने वाला कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। जांच एजेंसियां संभावित खरीदारों, बिचौलियों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें बच्चों की खरीद-फरोख्त या तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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